खाते में दो हजार से कम पर एसबीआई लगाएगा पेनल्टी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है तो सतर्क हो जाइए। सेविंग खाते में अगर 2000 रुपये से कम बैलेंस हुआ तो बैंक आपके खाते पर 100 रुपये प्रतिमाह पेनल्टी लगाएगा। इसी तरह करेंट अकाउंट में अगर मिनिमम बैलेंस 10 हजार रुपये से कम रहा तो बैंक 575 रुपये प्रति महीने के हिसाब से पेनल्टी वसूल करेगा। एसबीआई ने देशभर में नए सर्विस चार्ज एक अप्रैल से लागू कर दिया है।
एसबीआई के मुताबिक, सेविंग अकाउंट में अब केवल तीन ट्रांजेक्शन ही फ्री होगा। इसके बाद प्रति ट्रांजेक्शन 58 रुपये का चार्ज लगेगा। इसी प्रकार करेंट काउंट में प्रतिदिन 25 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन ही फ्री रहेगा। प्रतिदिन 25 हजार रुपये से ऊपर पैसा निकालने पर एक रुपया प्रति एक हजार का चार्ज लगेगा, जो 58 रुपये से 23000 तक हो सकता है।
जबकि, पंजाब नेशनल बैंक में मिनिमम बैलेंस 1000 रुपये नहीं होने पर हर तीन माह में 150 रुपये पेनल्टी का प्रावधान है। पीएनबी में कोई नया बदलाव अभी नहीं हुआ है। उत्तराखंड में एसबीआई सबसे बड़ा बैंक है। ऐसे में नए प्रावधान से प्रदेश में 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे।
यह नए चार्ज भी लागू
-एटीएम कार्ड रिप्लेसमेंट के लिए ग्राहक को 345 रुपये अदा करने होंगे।
-डुप्लीकेट पिन लेने के लिए ग्राहक को 58 रुपये चार्ज देना होगा।
-खाते की स्टेटमेंट के लिए प्रति 40 ट्रांजेक्शन की स्टेटमेंट पर 115 रुपये देने होंगे।
-अकाउंट में सिग्नेचर वेरिफिकेशन या फोटो अटेस्ट के लिए 173 रुपये चार्ज लगेगा।
-खाते में बैलेंस नहीं होने की सूरत में चेक रिटर्न होने पर 575 रुपये लगेंगे।
-पांच हजार तक के डिमांड ड्राफ्ट पर 25 रुपये, 5000 से 10 हजार डीडी पर 50 रुपये, 10 हजार से एक लाख डीडी तक पांच रुपये प्रति हजार, एक लाख से ऊपर के डीडी पर चार रुपये प्रति हजार का शुल्क देय होगा।
-डिमांड ड्राफ्ट रिवेलिडेशन या कैंसल कराने पर 230 रुपये अदा करने होंगे।
-दस हजार तक एनईएफटी पर तीन रुपये, 10 हजार से एक लाख रुपये तक छह रुपये, एक लाख से दो लाख रुपये तक 17 रुपये और दो लाख से ऊपर एनईएफटी पर 29 रुपये चार्ज लगेगा।
-दो लाख से पांच लाख रुपये तक आरटीजीएस करने पर 29 रुपये और पांच लाख से ऊपर आरटीजीएस पर 58 रुपये चार्ज लगेगा।
-एक हजार रुपये तक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। एक हजार से 10 हजार रुपये तक दो रुपये, दस हजार से एक लाख तक पांच रुपये और एक लाख से दो लाख तक 14 रुपये शुल्क।
-टाइप ए के स्मॉल लॉकर के लिए सालाना 1150 रुपये, टाइप सी के मीडियम लॉकर के लिए 2300 रुपये और टाइप एफ के लार्ज लॉकर के लिए 5750 रुपये सालाना शुल्क देना होगा।
-टाइप ए लॉक रजिस्ट्रेशन के लिए 575 रुपये, टाइप सी लॉकर रजिस्ट्रेशन के लिए 575 रुपये और टाइप एफ लॉकर रजिस्ट्रेशन के लिए 1150 रुपये देने होंगे।
-साल में लॉकर की 12 विजिट फ्री होंगी। इसके बाद प्रति विजिट 115 रुपये चार्ज देना होगा।