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उप जिला अस्पताल में पानी का रिसाव रोकने का काम शुरू
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श्रीनगर उपजिला चिकित्सालय में हो रहे पानी के रिसाव की मरम्मत करते कारीगर
- फोटो : SHRINAGAR
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आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) की ओर से नियुक्त एजेंसी ने उप जिला अस्पताल में मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। यहां मात्र छह माह पुराने भवन के प्रथम तल के फर्श से पानी निकल रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरवीएनएल को पत्र भेजा गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।
उप जिला अस्पताल का कुछ हिस्सा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना के दायरे में आ रहा था। वहीं, उप जिला अस्पताल का भवन 100 से ज्यादा पुराना हो चुका है। इसे देखते हुए आरवीएनएल ने पुराने भवन के पीछे लगभग 16 करोड़ की लागत से 52 बेड के नए तीन मंजिला भवन का निर्माण किया है लेकिन उद्घाटनके छह माह के अंदर ही अस्पताल के प्रथम तल में फर्श से पानी निकलने लगा है। 31 जुलाई के अंक में 16 करोड़ की लागत से बने अस्पताल के फर्श से निकल रहा पानी शीर्षक से इस लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया गया था। इसके बाद आरवीएनएल की ओर से नियुक्त एजेंसी के अधिकारियों ने अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात खामियों को ढूंढते हुए मरम्मत का काम शुरू हो गया है। लेबर वार्ड और जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर पोर्च के ऊपर दरारों को भरा जा रहा है। यहां से पानी रिसकर दीवार के अंदर से फर्श में निकल रहा है।
पीएमसी रेलमार्ग परियोजना के परियोजना प्रबंधक सत्यजीत खंडूड़ी ने बताया कि खामी वाले स्थान चिह्नित कर काम शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन से भी अनुरोध किया गया है कि वॉशबेसिन और सिंक की जाली नहीं निकाली जाए। इससे कूड़ा पाइप मेें फंस रहा है। इससे पानी का प्रवाह रुक रहा है।
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उप जिला अस्पताल का कुछ हिस्सा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना के दायरे में आ रहा था। वहीं, उप जिला अस्पताल का भवन 100 से ज्यादा पुराना हो चुका है। इसे देखते हुए आरवीएनएल ने पुराने भवन के पीछे लगभग 16 करोड़ की लागत से 52 बेड के नए तीन मंजिला भवन का निर्माण किया है लेकिन उद्घाटनके छह माह के अंदर ही अस्पताल के प्रथम तल में फर्श से पानी निकलने लगा है। 31 जुलाई के अंक में 16 करोड़ की लागत से बने अस्पताल के फर्श से निकल रहा पानी शीर्षक से इस लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया गया था। इसके बाद आरवीएनएल की ओर से नियुक्त एजेंसी के अधिकारियों ने अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात खामियों को ढूंढते हुए मरम्मत का काम शुरू हो गया है। लेबर वार्ड और जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर पोर्च के ऊपर दरारों को भरा जा रहा है। यहां से पानी रिसकर दीवार के अंदर से फर्श में निकल रहा है।
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पीएमसी रेलमार्ग परियोजना के परियोजना प्रबंधक सत्यजीत खंडूड़ी ने बताया कि खामी वाले स्थान चिह्नित कर काम शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन से भी अनुरोध किया गया है कि वॉशबेसिन और सिंक की जाली नहीं निकाली जाए। इससे कूड़ा पाइप मेें फंस रहा है। इससे पानी का प्रवाह रुक रहा है।
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