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Pauri News: जीत के बाद भाजपा में शिफ्ट होंगी हिमानी?
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पौड़ी। सात दशक बाद नगर पालिका पौड़ी में निर्दलीय प्रत्याशी हिमानी नेगी अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होंगी। साथ ही भाजपा और कांग्रेस को पालिका में पांच साल विपक्ष में बैठना होगा। वहीं शहर की जनता के मन में एक ओर सवाल उठने लगा कि क्या नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष भाजपा में शामिल होंगी।पौड़ी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसर सिंह नेगी की पत्नी हिमानी नेगी चुनाव लड़ने उतरीं तो पांच ने नेगी को भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके बाद उन्होंने पत्नी को जीताने के लिए भाजपा और कांग्रेस से चार कदम आगे चलकर शुरुआती दौर से धुआंधार प्रचार कर दोनों दलों की रणनीति को तहस नहस कर दिया था।
धीरे-धीरे उनकी पत्नी हिमानी का नाम पूरे शहर के लोगों की जुबां पर आ गया। चुनावी जंग के अंतिम दौर में निर्दलीय हिमानी और कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा नेगी के बीच माना जा रहा था, जो कि चुनाव परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट भी हो गया। हिमानी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य भी रही है। ऐसे में वह राजनैतिक दौर पर मंझी हुई नेता है।
लिहाजा पालिका को एक मजबूत नेता मिला है यह शहर के लोगों का कहना है। वहीं, हिमानी की जीत के बाद उनके भाजपा शामिल होने के सवाल उठने लगे हैं कि वह कुछ समय बाद क्या भाजपा में शामिल हो जाएंगी। फिलहाल अभी हिमानी और उनके समर्थक जीत के जश्न में डूबे हुए हैं।
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पति के राजनैतिक कौशल से बनीं अध्यक्ष
हिमानी नेगी 2014 में जिला पंचायत सदस्य रही हैं। वहीं पति केसर सिंह नेगी पूर्व में ब्लॉक प्रमुख पौड़ी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पौड़ी जनपद की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से 2022 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा। लेकिन वह जीत नहीं पाए। इसके बाद अब उन्होंने नगर पालिका पौड़ी की महिला आरक्षित सीट पत्नी को अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़वाया और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा और कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी कर उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवाया।
हिमानी को मिले 3165 वोट
जिला मुख्यालय पौड़ी को अपनी पहली महिला अध्यक्ष मिल गई है। पौड़ी में निर्दलीय प्रत्याशी हिमानी नेगी को कुल 3165 मत मिले। उन्हेें कुल मतों का 35.83 फीसदी वोट पड़े। निर्दलीय प्रत्याशी हिमानी का चुनाव चिह्न कप प्लेट रहा, जो कि हर जगह चर्चा में रहा।
ये रहेंगी चुनौतियां
कूड़ा निस्तारण, पार्किंग की व्यवस्था, शहर में सफाई व्यवस्था, निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने, बाजार में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने, सांस्कृतिक गतिविधियों व कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ अतिक्रमण की जद में आए 32 दुकानों का पुनर्विस्थापन।
धीरे-धीरे उनकी पत्नी हिमानी का नाम पूरे शहर के लोगों की जुबां पर आ गया। चुनावी जंग के अंतिम दौर में निर्दलीय हिमानी और कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा नेगी के बीच माना जा रहा था, जो कि चुनाव परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट भी हो गया। हिमानी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य भी रही है। ऐसे में वह राजनैतिक दौर पर मंझी हुई नेता है।
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लिहाजा पालिका को एक मजबूत नेता मिला है यह शहर के लोगों का कहना है। वहीं, हिमानी की जीत के बाद उनके भाजपा शामिल होने के सवाल उठने लगे हैं कि वह कुछ समय बाद क्या भाजपा में शामिल हो जाएंगी। फिलहाल अभी हिमानी और उनके समर्थक जीत के जश्न में डूबे हुए हैं।
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पति के राजनैतिक कौशल से बनीं अध्यक्ष
हिमानी नेगी 2014 में जिला पंचायत सदस्य रही हैं। वहीं पति केसर सिंह नेगी पूर्व में ब्लॉक प्रमुख पौड़ी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पौड़ी जनपद की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से 2022 में कांग्रेस से चुनाव लड़ा। लेकिन वह जीत नहीं पाए। इसके बाद अब उन्होंने नगर पालिका पौड़ी की महिला आरक्षित सीट पत्नी को अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़वाया और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा और कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी कर उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवाया।
हिमानी को मिले 3165 वोट
जिला मुख्यालय पौड़ी को अपनी पहली महिला अध्यक्ष मिल गई है। पौड़ी में निर्दलीय प्रत्याशी हिमानी नेगी को कुल 3165 मत मिले। उन्हेें कुल मतों का 35.83 फीसदी वोट पड़े। निर्दलीय प्रत्याशी हिमानी का चुनाव चिह्न कप प्लेट रहा, जो कि हर जगह चर्चा में रहा।
ये रहेंगी चुनौतियां
कूड़ा निस्तारण, पार्किंग की व्यवस्था, शहर में सफाई व्यवस्था, निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने, बाजार में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने, सांस्कृतिक गतिविधियों व कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ अतिक्रमण की जद में आए 32 दुकानों का पुनर्विस्थापन।