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ट्रंचिंग ग्राउंड पर ग्रामीणों का विरोध
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नगर पालिका पौड़ी को ट्रंचिंग ग्राउंड मिलने की उम्मीदों पर एक बार फिर ग्रामीणों ने ब्रेक लगा दिया है। जिला प्रशासन व पालिका प्रशासन ने मांडाखाल के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए भूमि चयनित की थी, जिसके लिए सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जन सुनवाई आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने क्षेत्र में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल, पर्यटन, चरागाह व खेती को इससे खतरा पैदा हो जाएगा।
नगर पालिका पौड़ी के पास वर्ष 2005-06 से स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। अब जिला प्रशासन व पालिका प्रशासन ने पौड़ी-खिर्सू मार्ग पर मांडाखाल के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 1.007 हे. भूमि चयनित की है, जिसके निर्माण को लेकर वन विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है। सोमवार को चयनित क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जन सुनवाई हुई, जिसमें ग्राम पंचायत छानी, चोपड्यिूं, भट्टी गांव, सरणा, कोटली आदि गांवों के 70 से अधिक ग्रामीण व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ग्राम प्रधान चोपडियूं दीपेश्वरी कठैत व ग्राम प्रधान छानी अंजलि देवी और ग्रामीणों ने एक स्वर में ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण का विरोध किया। कहा कि निर्माण स्थल के ठीक नीचे क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों का पेयजल स्रोत है। ट्रंचिंग ग्राउंड से क्षेत्र के पेयजल स्रोत के प्रभावित होने के साथ ही यहां के पर्यावरण, पर्यटन, चरागाह पर बुरा असर पड़ेगा। कहा कि ग्रामीणों ने क्षेत्र में बांज के जंगल विकसित व संरक्षित करने के लिए वर्षों से तप किया है, लेकिन प्रशासन क्षेत्र में 138 बांज के पेड़ भी काटने जा रहा है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को ट्रंचिंग ग्राउंड के प्रदूषण मुक्त होने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण विरोध पर अड़े रहे। जनसुनवाई में एसडीएम मुक्ता मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य सीमा रावत, हुकम सिंह कठैत, हरेंद्र सिंह, जयपाल, अंकित, मोहित और सफाई निरीक्षक हरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
प्राकृतिक पेयजल स्रोत नहीं होंगे प्रभावित
बोर्ड से राकेश कंडारी व ईओ नगर पालिका पौड़ी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण पूरी तरह पर्यावरण प्रदूषण मुक्त होगा। इससे प्राकृतिक पेयजल स्रोत या अन्य कार्य प्रभावित नहीं होंगे। एडीएम इला गिरी ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियां ले ली गई हैं। ग्रामीणों को आधुनिक तरीके से ग्राउंड बनाने को लेकर जानकारी भी दी गई।
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कोट
- ग्रामीणों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके से बन रहे प्रदूषणमुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड के बारे में जानकारी दी गई। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट केंद्र सरकार को जाने के बाद उम्मीद है पौड़ी को जल्द ही ट्रंचिंग ग्राउंड मिल जाएगा। - यशपाल बेनाम, पालिकाध्यक्ष पौड़ी।
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नगर पालिका पौड़ी के पास वर्ष 2005-06 से स्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। अब जिला प्रशासन व पालिका प्रशासन ने पौड़ी-खिर्सू मार्ग पर मांडाखाल के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 1.007 हे. भूमि चयनित की है, जिसके निर्माण को लेकर वन विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है। सोमवार को चयनित क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जन सुनवाई हुई, जिसमें ग्राम पंचायत छानी, चोपड्यिूं, भट्टी गांव, सरणा, कोटली आदि गांवों के 70 से अधिक ग्रामीण व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ग्राम प्रधान चोपडियूं दीपेश्वरी कठैत व ग्राम प्रधान छानी अंजलि देवी और ग्रामीणों ने एक स्वर में ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण का विरोध किया। कहा कि निर्माण स्थल के ठीक नीचे क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों का पेयजल स्रोत है। ट्रंचिंग ग्राउंड से क्षेत्र के पेयजल स्रोत के प्रभावित होने के साथ ही यहां के पर्यावरण, पर्यटन, चरागाह पर बुरा असर पड़ेगा। कहा कि ग्रामीणों ने क्षेत्र में बांज के जंगल विकसित व संरक्षित करने के लिए वर्षों से तप किया है, लेकिन प्रशासन क्षेत्र में 138 बांज के पेड़ भी काटने जा रहा है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पालिका प्रशासन व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को ट्रंचिंग ग्राउंड के प्रदूषण मुक्त होने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण विरोध पर अड़े रहे। जनसुनवाई में एसडीएम मुक्ता मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य सीमा रावत, हुकम सिंह कठैत, हरेंद्र सिंह, जयपाल, अंकित, मोहित और सफाई निरीक्षक हरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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प्राकृतिक पेयजल स्रोत नहीं होंगे प्रभावित
बोर्ड से राकेश कंडारी व ईओ नगर पालिका पौड़ी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण पूरी तरह पर्यावरण प्रदूषण मुक्त होगा। इससे प्राकृतिक पेयजल स्रोत या अन्य कार्य प्रभावित नहीं होंगे। एडीएम इला गिरी ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियां ले ली गई हैं। ग्रामीणों को आधुनिक तरीके से ग्राउंड बनाने को लेकर जानकारी भी दी गई।
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कोट
- ग्रामीणों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके से बन रहे प्रदूषणमुक्त ट्रंचिंग ग्राउंड के बारे में जानकारी दी गई। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट केंद्र सरकार को जाने के बाद उम्मीद है पौड़ी को जल्द ही ट्रंचिंग ग्राउंड मिल जाएगा। - यशपाल बेनाम, पालिकाध्यक्ष पौड़ी।