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मुख्य व उपकोषागार में गबन के आरोपी दो कर्मचारी निलंबित
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पौड़ी। मुख्य कोषागार पौड़ी व उपकोषागार श्रीनगर में सेवारत दो लेखा लिपिकों को सरकारी धन के गबन मामले में निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। निलंबित दोनों कार्मिक को दूरस्थ क्षेत्रों में संबद्ध किया गया है।
मुख्य कोषागार पौड़ी में सेवारत लेखा लिपिक नितिन रावत व उप कोषागार श्रीनगर में सेवारत लेखा लिपिक सुभाष चंद्र को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी पौड़ी विजय कुमार जोगदंडे ने निलंबन आदेश जारी करते हुए निलंबित लेखा लिपिक नितिन रावत को उपकोषागार धुमाकोट व सुभाष चंद्र को उपकोषागार थलीसैंण संबद्ध किया है। मुख्य कोषाधिकारी पौड़ी गिरीश चंद्रा ने बताया कि मुख्य कोषागार पौड़ी में नियुक्त लेखा लिपिक नितिन रावत ने 15 लाख 36 हजार 362 रुपये, श्रीनगर के कार्मिक सुभाष चंद्र ने 17 लाख 34 हजार 424 रुपये के सरकारी धन का गबन किया गया। सहायक लेखाकार हरिदर्शन सिंह बिष्ट ने 21 लाख 26 हजार 993 रुपये का गबन किया, लेकिन उसकी एक वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार आर्य की अध्यक्षता में जांच टीम भी गठित की गई है।
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मुख्य कोषागार पौड़ी में सेवारत लेखा लिपिक नितिन रावत व उप कोषागार श्रीनगर में सेवारत लेखा लिपिक सुभाष चंद्र को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी पौड़ी विजय कुमार जोगदंडे ने निलंबन आदेश जारी करते हुए निलंबित लेखा लिपिक नितिन रावत को उपकोषागार धुमाकोट व सुभाष चंद्र को उपकोषागार थलीसैंण संबद्ध किया है। मुख्य कोषाधिकारी पौड़ी गिरीश चंद्रा ने बताया कि मुख्य कोषागार पौड़ी में नियुक्त लेखा लिपिक नितिन रावत ने 15 लाख 36 हजार 362 रुपये, श्रीनगर के कार्मिक सुभाष चंद्र ने 17 लाख 34 हजार 424 रुपये के सरकारी धन का गबन किया गया। सहायक लेखाकार हरिदर्शन सिंह बिष्ट ने 21 लाख 26 हजार 993 रुपये का गबन किया, लेकिन उसकी एक वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार आर्य की अध्यक्षता में जांच टीम भी गठित की गई है।
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