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6.5 करोड़ लंबी जेड मोड़ सुरंग का काम फिर शुरू
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श्रीनगर। कश्मीर से लद्दाख को जोड़ने वाले रास्ते में बहुप्रतीक्षित सोनमर्ग और गगनगिर के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी जेड मोड़ सुरंग का काम शुक्रवार को शुरू हो गया। 2379 करोड़ की लागत वाली इस सुरंग के बनने के बाद दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच पूरे साल आवागमन आसान हो जाएगा। अभी तक सर्दियों के मौसम में सोनमर्ग आने वाले पर्यटक यहां से आगे नहीं जा पाते थे। यह परियोजना साढ़े तीन साल में पूरी करने का लक्ष्य है।
इस सुरंग को बनाने का ठेका एपको अमरनाथजी टनलवे प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कश्मीर के सोनमर्ग से गगनगिर के बीच बनने वाली यह सुरंग आगे जाकर जोजिला सुरंग से जुड़ जाती है। इस पूरे सुरंग मार्ग का विकास श्रीनगर -लेह के बीच सभी मौसम में आवागमन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इस मार्ग का महत्व सामरिक दृष्टि से भी काफी अहम है। इस सुरंग का नाम जेड मोड़ इसलिए रखा गया है क्योंकि सोनमर्ग से गगनगिर के बीच यह अंग्रेजी के जेड अक्षर की आकृति बनाती है। इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में एनएचआईडीसीएल और एपको अमरनाथजी टनलवे के बीच एक समझौते पर इसी वर्ष 17 जनवरी को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। पहले इस सुरंग का ठेका आईएलएफएस को दिया गया था लेकिन उसके वित्तीय संकट में घिरने के बाद यह ठेका एपको अमरनाथजी टनलवे को दिया गया।
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इस सुरंग को बनाने का ठेका एपको अमरनाथजी टनलवे प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कश्मीर के सोनमर्ग से गगनगिर के बीच बनने वाली यह सुरंग आगे जाकर जोजिला सुरंग से जुड़ जाती है। इस पूरे सुरंग मार्ग का विकास श्रीनगर -लेह के बीच सभी मौसम में आवागमन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। इस मार्ग का महत्व सामरिक दृष्टि से भी काफी अहम है। इस सुरंग का नाम जेड मोड़ इसलिए रखा गया है क्योंकि सोनमर्ग से गगनगिर के बीच यह अंग्रेजी के जेड अक्षर की आकृति बनाती है। इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में एनएचआईडीसीएल और एपको अमरनाथजी टनलवे के बीच एक समझौते पर इसी वर्ष 17 जनवरी को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। पहले इस सुरंग का ठेका आईएलएफएस को दिया गया था लेकिन उसके वित्तीय संकट में घिरने के बाद यह ठेका एपको अमरनाथजी टनलवे को दिया गया।
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