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ट्रक चालक ने एआरटीओ पर लगाया मारपीट का आरोप
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रुद्रप्रयाग से रुड़की जा रहे ट्रक चालक ने एआरटीओ कर्मी पर मारपीट और जबरन पैसे मांगने का आरोप लगाया है। ट्रक चालक ने इस संबंध में कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं, एआरटीओ ने घटना से इनकार किया है।
रुद्रप्रयाग से ईंट छोड़कर रुड़की जा रहे ट्रक चालक अंजेस निवासी भगवानपुर, हरिद्वार ने शिकायत की कि महिला थाने के पास एआरटीओ कर्मी ने उसे रोका। कागजात दिखाने के बावजूद कर्मी ने उससे 5 हजार रुपये की मांग की। चालक ने आरोप लगाया कि ट्रक मालिक प्रतिमाह विभाग में 800 रुपये की एंट्री (सुविधा शुल्क) देता है ताकि उनके वाहन कोई नहीं रोके। जब उसने ट्रक मालिक से फोन पर बात कराने की कोशिश की तो कर्मी ने मोबाइल सड़क पर गिराकर तोड़ दिया। कर्मी ने उसे पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। इधर, एआरटीओ राजेंद्र विराटिया ने बताया कि ट्रक चालक के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। वह कागजात दिखाने के बजाय फोन पर किसी से बात करवा रहा था। दो बार बात करने के बाद भी उसने कागजात नहीं दिखाए। फोन चालक के हाथ से स्वयं गिरा है। उक्त चालक किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हवाला देकर कागजात देने से बच रहा था। उन्होंने बताया कि किसी तरह की अवैध वसूली नहीं की जाती है।
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रुद्रप्रयाग से ईंट छोड़कर रुड़की जा रहे ट्रक चालक अंजेस निवासी भगवानपुर, हरिद्वार ने शिकायत की कि महिला थाने के पास एआरटीओ कर्मी ने उसे रोका। कागजात दिखाने के बावजूद कर्मी ने उससे 5 हजार रुपये की मांग की। चालक ने आरोप लगाया कि ट्रक मालिक प्रतिमाह विभाग में 800 रुपये की एंट्री (सुविधा शुल्क) देता है ताकि उनके वाहन कोई नहीं रोके। जब उसने ट्रक मालिक से फोन पर बात कराने की कोशिश की तो कर्मी ने मोबाइल सड़क पर गिराकर तोड़ दिया। कर्मी ने उसे पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। इधर, एआरटीओ राजेंद्र विराटिया ने बताया कि ट्रक चालक के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। वह कागजात दिखाने के बजाय फोन पर किसी से बात करवा रहा था। दो बार बात करने के बाद भी उसने कागजात नहीं दिखाए। फोन चालक के हाथ से स्वयं गिरा है। उक्त चालक किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हवाला देकर कागजात देने से बच रहा था। उन्होंने बताया कि किसी तरह की अवैध वसूली नहीं की जाती है।
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