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आबादी में घुसकर पालतू पशुओं का बना लेता है निवाला
धुमाकोट
Updated Mon, 16 Nov 2015 07:36 PM IST
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तहसील मुख्यालय धुमाकोट के निकट खुटीडा गांव और उसके आसपास पिछले कुछ दिनों से पशुभक्षी बाघ की दहशत फैली हुई है। बाघ आबादी क्षेत्र में घुसकर पालतू पशुओं को निवाला बनाता जा रहा है। इससे पूर्व कसाना, कोचियार, जमणधार, नलाई, देवलाड, सियाबेल सहित अनेक गांवों में में भी पशुभक्षी बाघ कई पालतू पशुओं को मार चुका है।
ग्राम खुटीडा निवासी प्रकाश चंद्र का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बाघ पालतू पशुओं को निवाला बना रहा है। उनका कहना है कि शनिवार की शाम लगभग साढे़ सात बजे बाघ उनके मकान की छत पर चढ़ गया था जिसे ग्रामीणों ने शोर कर भगाया। बाघ के गांव में घुस आने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। अब तक बाघ गांव की सिपडी देवी पत्नी नौलिया की एक दुधारू गाय, सादर सिंह की 4 बकरियां और धुमाकोट निवासी गोपाल राम की भी 4 बकरियां मार चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनदहाड़े आबादी क्षेत्र में बाघ के दिखाई देने से पालतू पशुओं के साथ ही स्कूली बच्चों, महिलाओं व अन्य ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग बाघ की दहशत से क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए जल्दी ही कोशिश करे।
इस संबंध में वन विभाग के दीवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी दिनेश जोशी का कहना है कि जल्दी ही क्षेत्र में कॉंबिंग के लिए टीम भेजकर ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सावधानी से रहें। छोटे बच्चों को शाम होने पर अकेला बाहर न छोडे़ं।
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ग्राम खुटीडा निवासी प्रकाश चंद्र का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बाघ पालतू पशुओं को निवाला बना रहा है। उनका कहना है कि शनिवार की शाम लगभग साढे़ सात बजे बाघ उनके मकान की छत पर चढ़ गया था जिसे ग्रामीणों ने शोर कर भगाया। बाघ के गांव में घुस आने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। अब तक बाघ गांव की सिपडी देवी पत्नी नौलिया की एक दुधारू गाय, सादर सिंह की 4 बकरियां और धुमाकोट निवासी गोपाल राम की भी 4 बकरियां मार चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनदहाड़े आबादी क्षेत्र में बाघ के दिखाई देने से पालतू पशुओं के साथ ही स्कूली बच्चों, महिलाओं व अन्य ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग बाघ की दहशत से क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए जल्दी ही कोशिश करे।
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इस संबंध में वन विभाग के दीवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी दिनेश जोशी का कहना है कि जल्दी ही क्षेत्र में कॉंबिंग के लिए टीम भेजकर ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सावधानी से रहें। छोटे बच्चों को शाम होने पर अकेला बाहर न छोडे़ं।
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