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विश्व को इस समय महात्मा गांधी के विचारों पर चलने की जरूरत

Fri, 24 Jul 2020 06:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 06:39 PM IST
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The world needs to follow the thoughts of Mahatma Gandhi at this time
गढ़वाल विवि की महिलाअध्यन केंद्र की ओर से आयोजित आन लाइन व्याख्यान मे बोलती मुख्य वक्ता कोंलबिय? - फोटो : SHRINAGAR
संपूर्ण विश्व इस समय हथियारों की होड़, सेनाओं का विस्तारण एवं पर्यावरणीय समस्याओं का सामना कर रहा है। इसके साथ ही रंगभेद की नीति, गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य संबधित समस्याएं, भय, आतंकवाद, मानवीय अधिकारों का हनन एवं सदैव युद्ध की स्थिति जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। इसलिए इस वक्त एक ऐसी व्यवस्था को स्थापित करने की आवश्यकता है जो सामूहिक शांतिमय तरीकों पर आधारित हो। और इसके लिए हमें महात्मा गांधी के दिखाये रास्ते पर चलना होगा। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की शैक्षिक निदेशक जैनेट गोरसन और गढ़वाल विवि की महिला अध्ययन केन्द्र की निदेशिक प्रो. हिमांशु बौड़ाई ने ऑनलाइन व्याख्यान में अपने यह विचार रखे।
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गढ़वाल विवि के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा ‘महात्मा गांधी का अमेरिका के आंदोलनों पर प्रभाव, मांगों से लेकर प्रजातंत्र पर पुन: विचार’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कोलंबिया यूनिवर्सिटी की शैक्षिक निदेशक जैनेट गोरसन ने अपने वक्तव्य में न्याय और मानवता को विशेष स्थान देते हुए माना की अमेरिका में 1950 के बाद सभी आंदोलनों पर गांधी जी का विशेष प्रभाव पड़ा, चाहे वह नागरिक अधिकार, आण्विक शक्ति के विरुद्ध, पर्यावरणीय आंदोलन रहा हो या फिर नारीवादी आंदोलन सभी के केन्द्र में हम गांधी जी के सिद्धांतों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि गांधी जी की अहिंसात्मक शक्ति के आगे कोई भी शक्ति अपना महत्व नहीं रखती। कहा कि उनके द्वारा अपनाये गए तरीके पूर्णत: प्रजातांत्रिक थे, जिनका मूल संबंध मानवीय अस्तित्व व मानवीय गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। यह उनके विचारों का ही असर था कि भारत से लेकर विदेशों तक उनके बताए रास्ते पर कई आंदोलन बिना किसी हिंसा के सफल हुए। कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग की शोध छात्रा मनस्वी सेमवाल के द्वारा किया गया, जिसमें देश के कई विश्वविद्यालयों के छात्रों और शोध छात्रों ने प्रतिभाग किया।
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