{"_id":"61f67a3f66ef25751d42efc2","slug":"the-condition-of-silkakhal-panav-road-did-not-improve-even-after-six-years-shrinagar-news-drn4028327158","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल बाद भी नहीं सुधरी सिल्काखाल-पांणव मार्ग की दशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल बाद भी नहीं सुधरी सिल्काखाल-पांणव मार्ग की दशा
विज्ञापन
विकास खंड कीर्तिनगर के सिल्काखाल-पांणव मोटर मार्ग विगत छह सालों से जान लेवा बना है, लेकिन लोनिवि की ओर से आज तक मार्ग की दशा नहीं सुधारी गई है।
करीब छह वर्ष पूर्व खोंगचा से पांणव गांव के लिए मोटर मार्ग का निर्माण करवाया गया था, लेकिन आज तक विभाग की ओर से मार्ग का डामरीकरण नहीं किया गया है। ग्रामीण रामलाल गोदियाल, हरीश, आनंद दीपक व पवन गोदियाल ने समस्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि छह वर्षोँ से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। बारिश और वर्फबारी में मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर मार्ग निर्माण के दौरान गांव का प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में आ गया था। इसकी सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से दीवार का निर्माण करवाया गया। लेकिन यह सुरक्षा दीवार भी 10 दिन भी नहीं टिक पाई। जिस कारण विद्यालय भवन को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग के पक्कीकरण के लिए कई बार विभाग के अधिशासी अभियंता और जन प्रतिनिधियों से शिकायत की गई। लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। ग्रामीणों ने मार्ग की दशा न सुधारे जाने पर आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
-सिल्काखाल से पांणव तक करीब सात किलोमीटर मोटर मार्ग की पेंटिंग व अन्य कार्यों के लिए गत वर्ष शासन को इस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर मोटर मार्ग का डामरीकरण व अन्य कार्य करवाए जाएंगे। -हर्षवर्धन मैठाणी, सहायक अभियंता, लोनिवि कीर्तिनगर।
विज्ञापन
करीब छह वर्ष पूर्व खोंगचा से पांणव गांव के लिए मोटर मार्ग का निर्माण करवाया गया था, लेकिन आज तक विभाग की ओर से मार्ग का डामरीकरण नहीं किया गया है। ग्रामीण रामलाल गोदियाल, हरीश, आनंद दीपक व पवन गोदियाल ने समस्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि छह वर्षोँ से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। बारिश और वर्फबारी में मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर मार्ग निर्माण के दौरान गांव का प्राथमिक विद्यालय भी खतरे की जद में आ गया था। इसकी सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से दीवार का निर्माण करवाया गया। लेकिन यह सुरक्षा दीवार भी 10 दिन भी नहीं टिक पाई। जिस कारण विद्यालय भवन को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग के पक्कीकरण के लिए कई बार विभाग के अधिशासी अभियंता और जन प्रतिनिधियों से शिकायत की गई। लेकिन किसी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। ग्रामीणों ने मार्ग की दशा न सुधारे जाने पर आचार संहिता हटने के बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
-सिल्काखाल से पांणव तक करीब सात किलोमीटर मोटर मार्ग की पेंटिंग व अन्य कार्यों के लिए गत वर्ष शासन को इस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर मोटर मार्ग का डामरीकरण व अन्य कार्य करवाए जाएंगे। -हर्षवर्धन मैठाणी, सहायक अभियंता, लोनिवि कीर्तिनगर।
विज्ञापन