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Pauri News: महीने बीत गए पूरे दस, कलगढ़ी पुल का मलबा पड़ा जस का तस

Fri, 12 Jun 2026 05:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Fri, 12 Jun 2026 05:02 PM IST
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Ten full months have passed; debris from Kalgadhi bridge remains unmoved
-पुराने पुल का मलबा अब भी बना है खतरा
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मुकेश चंद्र आर्य
पौड़ी/पाबौ। पाबौ विकासखंड के कलगढ़ी गांव में बीते वर्ष 6 अगस्त को आई आपदा के करीब 10 महीने बाद भी पुराने पुल का मलबा नहीं हटाया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि मलबा आज भी कलगढ़ी गदेरे के बहाव को बाधित कर रहा है, जिससे आगामी बरसात में फिर से बाढ़ और नुकसान का खतरा बना हुआ है। आपदा के बाद प्रशासन ने नया पुल तो बना दिया, लेकिन पुराने पुल का मलबा गदेरे में ही पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते मलबा नहीं हटाया गया तो उफनता गदेरा पानी और मलबा उनके घरों व खेतों में घुसा सकता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोगों की आजीविका खेती और पशुपालन पर निर्भर है, ऐसे में दोबारा आपदा आने पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त कई बिजली के खंभे अब भी झुके हुए हैं और तारें लटकी हुई हैं। गौरतलब है कि बुआखाल-पाबौ-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कलगढ़ी पुल जिला मुख्यालय और रामनगर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण एवं एकमात्र मोटर मार्ग है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
- पोरू का साल आपदा मा पुल बोग गे छौ, नयु पुल त बणग्याई पर पुरणु पुल कु मलबा तखि पुड़ुंच। एक साल ह्वै ग्याई पर मलबा नि हटै साकी यूं ल। अब फिर गाड आलि त हमरा घरूं मा सरु पाणि अर माटू बैठी जाण। - घुंघरी देवी, कलगढ़ी।
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- अतिवृष्टि से एनएच 121 पर कलगढ़ी का पुल बह गया था। तब से पुराने लोहे के पुल का मलबा, कंक्रीट, पत्थर आदि वहीं पड़े हुए हैं। मलबे से गदेरे का मुंह संकरा हो गया है। फिर से गदेरा ऊफान पर आया तो पिछले साल वाली घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। - गणेश भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता पाबौ।
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- पिछली बार आपदा का मंजर अभी तक हमारी आंखों के सामने है। सुबह करीब 6 बजे हुई अतिवृष्टि से पूरा गांव ही प्रभावित हो गया था। गांव के 5 से 6 परिवार गदेरे से सटे हुए हैं। बरसात से पहले ही कलगढ़ी गदेरे को साफ नहीं किया गया तो हालात पहले जैसे बन जाएंगे। - बीना देवी, कलगढ़ी।


क्या कहते हैं अधिकारी
- डीएम के जनता मिलन कार्यक्रम में भी ग्रामीणों से यह समस्या उठाई थी। डीएम स्वाति एस भदौरिया के निर्देश के बाद कलगढ़ी पुल का मलबा हटाने के लिए टेंडर लगा दिया है। 30 जून तक मलबा साफ कर लिया जाएगा। - राजवीर चौहान, अधिशासी अभियंता, एनएच श्रीनगर।
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