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गांवों की तहसील और ब्लाक तो बदले पर नहीं मिल पाई सुविधा
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विकास खंड देवप्रयाग की 12 ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल किए जाने के तीन वर्ष बाद भी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की राह आसान नहीं हो पाई है। आज भी ग्रामीणों को कीर्तिनगर विकास खंड में शामिल किए जाने के बाद देवप्रयाग ब्लाक स्थित विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे है।
वर्ष 2019 में क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों को देवप्रयाग विकास खंड से हटाकर कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल किया गया। वजह यह थी कि देवप्रयाग क्षेत्र की इन ग्राम पंचायतों को विकास कार्य व प्रमाणपत्र आदि के लिए करीब 30 से 48 किमी दूर हिंडोलाखाल जाना पड़ता था जबकि कीर्तिनगर ब्लाक की दूरी सम्मलित ग्राम पंचायत बागवान, लक्ष्मोली, डडुवा, भंडाली, सौडूृ, नौली, गौली, बरसोली, गवांणा, उमरी, जखेड़ व तल्याकोट से करीब 7 से 10 किलोमीटर है। कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल होने पर ग्रामीणों को लगा कि उनकी मुश्किलें अब आसान होने वाली है लेकिन प्रशासन और विभागीय लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
ग्राम प्रधान सौडू विरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनका गांव विकास खंड कीर्तिनगर में शामिल किए जाने के बाद भी उन्हें देवप्रयाग ब्लाक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान, बाल विकास सहित अन्य विभागों के कार्यों के लिए उन्हें देवप्रयाग ब्लाक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जबकि इस संबंध में गत वर्ष मुख्य विकास अधिकारी की ओर से सभी विभागों को आदेश जारी कर शामिल गांवों को विकास खंड कीर्तिनगर स्थित कार्यालयों से सुविधा व लाभ दिए जाने को कहा गया था लेकिन इसके बाद भी आज तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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-विकास खंड कीर्तिनगर में शामिल गांवों की समस्या को दिखवाया जाएगा कि किन कारणों से आज तक समस्या बनी हुई है। डा. सौरभ गहरवार, जिलाधिकारी टिहरी।
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वर्ष 2019 में क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों को देवप्रयाग विकास खंड से हटाकर कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल किया गया। वजह यह थी कि देवप्रयाग क्षेत्र की इन ग्राम पंचायतों को विकास कार्य व प्रमाणपत्र आदि के लिए करीब 30 से 48 किमी दूर हिंडोलाखाल जाना पड़ता था जबकि कीर्तिनगर ब्लाक की दूरी सम्मलित ग्राम पंचायत बागवान, लक्ष्मोली, डडुवा, भंडाली, सौडूृ, नौली, गौली, बरसोली, गवांणा, उमरी, जखेड़ व तल्याकोट से करीब 7 से 10 किलोमीटर है। कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल होने पर ग्रामीणों को लगा कि उनकी मुश्किलें अब आसान होने वाली है लेकिन प्रशासन और विभागीय लापरवाही के कारण ग्रामीणों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
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ग्राम प्रधान सौडू विरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनका गांव विकास खंड कीर्तिनगर में शामिल किए जाने के बाद भी उन्हें देवप्रयाग ब्लाक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान, बाल विकास सहित अन्य विभागों के कार्यों के लिए उन्हें देवप्रयाग ब्लाक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जबकि इस संबंध में गत वर्ष मुख्य विकास अधिकारी की ओर से सभी विभागों को आदेश जारी कर शामिल गांवों को विकास खंड कीर्तिनगर स्थित कार्यालयों से सुविधा व लाभ दिए जाने को कहा गया था लेकिन इसके बाद भी आज तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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-विकास खंड कीर्तिनगर में शामिल गांवों की समस्या को दिखवाया जाएगा कि किन कारणों से आज तक समस्या बनी हुई है। डा. सौरभ गहरवार, जिलाधिकारी टिहरी।