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‘मास्टर प्लान बदरीनाथ धाम से बेदखली का षड़यंत्र’

Wed, 15 Sep 2021 07:08 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 07:08 PM IST
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teerth purohit protest in shrinagar
देवप्रयाग में नारेबाजी व प्रदर्शन करते तीर्थपुरोहित। - फोटो : SHRINAGAR
तीर्थपुरोहितों ने बदरीनाथ धाम में शुरू किए जा रहे मास्टर प्लान को उन्हें धाम से बेदखल करने का सरकारी षड़यंत्र बताया है। पुरोहितों ने मास्टर प्लान और देवस्थानम एक्ट को वापस न लेने पर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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नगर के दीनदयाल पार्क में चारधाम तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी महापंचायत की आयोजित सभा में तीर्थपुरोहितों ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार बदरीनाथ धाम से तीर्थपुरोहितों को मास्टर प्लान के नाम पर बेदखल करना चाहती है। देश के हर तीर्थ पर वहां का तीर्थ पुरोहित रह रहा है लेकिन सरकार बदरीनाथ मास्टर प्लान के नाम पर तीर्थ पुरोहितों से उनके घर और भूमि जबरन छीनकर उन्हें धाम से बाहर करने का षड़यंत्र कर रही है। महापंचायत अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि वर्ष 2003 में कांग्रेस सरकार को बदरीनाथ मास्टर प्लान तीर्थ पुरोहितों के दबाव में वापस लेना पड़ा था। बदरीनाथ तीर्थ में पुरोहितों के पुस्तैनी निवास हैं। वहां से कोई उन्हें नहीं निकाल सकता। बिना भूगर्भीय सर्वेक्षण के मास्टर प्लान लागू करना धाम के विनाश का कारण बन सकता है। सरकार तीर्थपुरोहितों को धाम में ही उन्हें भूमि व आठ गुना मुआवजा दे तो मास्टर प्लान पर बात हो सकती है।
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डॉ. गिरधर पंडित ने कहा कि मास्टर प्लान के जरिए सरकार तीर्थपुरोहितों व स्थानीय लोगों को बदरीनाथ से बाहर कर धाम को उद्योगपतियों के हाथों में सौंपना चाहती है। पूर्व पंडा पंचायत अध्यक्ष मुकेश प्रयागवाल ने कहा कि पहले भी इस तरह के प्रयास हो चुके हैं जिसमें सरकारों को झुकना पड़ा है। डॉ. जमुना प्रसाद रैवानी ने कहा कि मास्टर प्लान के बारे में वार्ता करने के लिए अधिकारियों को देवप्रयाग आना होगा। बैठक में तीर्थपुरोहितों ने चारधाम यात्रा बंद रखने, देवस्थानम बोर्ड में हरिद्वार, पौड़ी व कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों को जान बूझकर छोड़े जाने पर आक्रोश जताया। वहीं क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी द्वारा तीर्थपुरोहितों के मसले को विधानसभा में नही उठाने पर खासा रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर सत्य नारायण कोटियाल, प्रदीप भट्ट, शशिकांत, उत्तम भट्ट, वल्लभराम सिंधी, राकेश पंचभैया, सुरेंद्र पालीवाल, विनय टोडरिया, विपुल सवासेरिया, शांतिप्रकाश जोशी, श्यामलाल पंचपुरी, राजेंद्र त्रिपाठी, प्यारेलाल कोटियाल, मुकेश कुमार व कांति टोडरिया आदि मौजूद थे।
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