{"_id":"5d65673e8ebc3e015105a0ea","slug":"teacher-gave-false-affidavit-for-job-arrested-pauri-news-drn3177010109","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक ने नौकरी के लिए दिया झूठा शपथ पत्र, गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक ने नौकरी के लिए दिया झूठा शपथ पत्र, गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। विकास खंड यमकेश्वर के जीआईसी हीराखाल में सेवारत सहायक अध्यापक को मृतक आश्रित में नौकरी के लिए झूठा शपथपत्र देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी शिक्षक को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अपर निदेशक माध्यमिक ने जांच के बाद कोतवाली पौड़ी में आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
यमकेश्वर विकासखंड के जीआईसी हीराखाल में तैनात सहायक अध्यापक नंद किशोर रतूड़ी ने मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए झूठा शपथपत्र पेश किया। रतूड़ी ने अपनी मां के नाम से शपथपत्र विभाग में दिया। अपर निदेशक माध्यमिक ने मामले की विभागीय जांच की। जांच में शपथपत्र में दी गई जानकारी फर्जी पाई गई। इसके आधार पर अपर निदेशक ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ करीब एक वर्ष पूर्व धोखाधड़ी व झूठा शपथपत्र देने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि अपर निदेशक की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार शिक्षक नंद किशोर रतूड़ी को करीब पांच वर्ष पूर्व मृतक आश्रित के तौर पर शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिली थी। आरोपी शिक्षक के पिता भी शिक्षक थे और सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। नियुक्ति के दौरान नंद किशोर की ओर से दिए गए शपथपत्र में परिवार के किसी सदस्य के सरकारी नौकरी में न होने की बात लिखी गई थी, जबकि आरोपी की मां शिक्षिका के रूप में तैनात है। कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से कराई गई जांच में शिक्षक की मां ने शपथपत्र में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार किया। हैंडराइटिंग मिलान में मां की बात सही पाई गई। कोतवाल ने बताया कि मंगलवार को बस अड्डे से आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी शिक्षक नंद किशोर रतूड़ी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
यमकेश्वर विकासखंड के जीआईसी हीराखाल में तैनात सहायक अध्यापक नंद किशोर रतूड़ी ने मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए झूठा शपथपत्र पेश किया। रतूड़ी ने अपनी मां के नाम से शपथपत्र विभाग में दिया। अपर निदेशक माध्यमिक ने मामले की विभागीय जांच की। जांच में शपथपत्र में दी गई जानकारी फर्जी पाई गई। इसके आधार पर अपर निदेशक ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ करीब एक वर्ष पूर्व धोखाधड़ी व झूठा शपथपत्र देने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि अपर निदेशक की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार शिक्षक नंद किशोर रतूड़ी को करीब पांच वर्ष पूर्व मृतक आश्रित के तौर पर शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिली थी। आरोपी शिक्षक के पिता भी शिक्षक थे और सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। नियुक्ति के दौरान नंद किशोर की ओर से दिए गए शपथपत्र में परिवार के किसी सदस्य के सरकारी नौकरी में न होने की बात लिखी गई थी, जबकि आरोपी की मां शिक्षिका के रूप में तैनात है। कोतवाल लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से कराई गई जांच में शिक्षक की मां ने शपथपत्र में अपने हस्ताक्षर होने से इंकार किया। हैंडराइटिंग मिलान में मां की बात सही पाई गई। कोतवाल ने बताया कि मंगलवार को बस अड्डे से आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी शिक्षक नंद किशोर रतूड़ी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन