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Pauri News: जिले के 188 स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आमदनी का सर्वे शुरू

Sat, 08 Feb 2025 10:29 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2025 10:29 PM IST
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Survey of annual income of 188 self-help groups of the district started

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पौड़ी। जिले में स्वयं सहायता समूहों की ओर से उत्पादित उत्पादों का वार्षिक सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे का कार्य जिला अर्थ एवं संख्या विभाग की ओर से संचालित हो रहा है। जिसमें विभागीय टीम समूहों के पास जाकर उनके उत्पादों, आजीविका व आर्थिकी का सर्वे कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेगी। सर्वे मार्च माह तक आयोजित होगा।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले के 188 स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आमदनी का आंकलन किया जा रहा है। बताया जा रहा कि राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता मुहैया करवाने के बाद ये समूह कितना फल फूल रहे हैं। जिले की आर्थिकी में इन समूहों का कितना योगदान है, इसका सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा। विभाग की मानें तो इस प्रकार का सर्वे राज्य के सभी 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में ऐसे 1984 समूहों की आजीविका का सर्वे होना है।
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सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि समूह ने बिजली का उपयाेग किया है। कितने लोगों को रोजगार दिया है। किस समूह को प्रशिक्षण की जरूरत है। उसने सीआईएफ (सामुदायिक निवेश फंड) कब और कितना लिया आदि को भी दर्शाया जाएगा। साथ ही समूह ने मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, रीप, आई फैड, एमएसएमई व पीएमएफएमई आदि योजनाओं का कब और कितना लाभ लिया, यह भी सर्वे का हिस्सा होंगे।
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किस ब्लॉक में कितने समूह का होगा सर्वे

जिला अर्थ एवं संख्या विभाग की मानें तो पौड़ी जनपद के 188 समूहों का सर्वे किया जाएगा। जिसमें थलीसैंण में सर्वाधिक 26, पौड़ी 19, बीरोंखाल 17, पाबौ व कोट 15- 15, यमकेश्वर व द्वारीखाल 14-14, नैनीडांडा 13, जयहरीखाल 12, रिखणीखाल 10, खिर्सू व एकेश्वर 9- 9, दुगड्डा 6, पोखड़ा 5 व कल्जीखाल के चार समूह शामिल हैं।



समूहों के इन कार्यों का होगा सर्वे



जिले के 188 स्वयं सहायता समहों को सर्वे के लिए चयनित किया गया है। सर्वे समूहों के विभिन्न स्वरोजगार के स्रोतों पर आधारित होगा। जिसमें कृषि, उद्यानीकरण, जडीबूटी उत्पादन, मसाले उत्पादन, चाय उत्पादन, पशुपालन, पोल्ट्रीफार्म, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, खाद्य एवं फल प्रसंस्करण, बेकरी, मसाले तैयार करना, चाय विनिर्माण, हस्तशिल्प कार्य, हैंडलूम, धूपबत्ती बनाना, दोना पत्तल बनाना, एलईडी बल्ब निर्माण, लघु उद्योग, सिलाई कार्य, ट्रेडिंग (व्यापार), सर्विस व वित्त संबंधी कार्य, मजदूरी आदि कार्यों को शामिल किया गया है।

राज्य के 1984 समूहों का होगा सर्वे



विभाग की मानें तो पूरे राज्य के 1984 स्वयं समूहों की वार्षिक आमदनी सर्वे किया जाना है। जिसमें समूहों की कुल वार्षिक आर्थिकी का आकलन किया जाएगा। बताया कि 50 हजार से कम आर्थिकी वाले 303 समूह, 50 हजार से दो लाख वाले 1323, दो से पांच लाख वाले 206, पांच से 10 लाख वाले 122, जबकि 10 से 20 लाख वाले 27 समूहों का सर्वे किया जाना है। जबकि राज्य में 20 लाख से अधिक की वार्षिक आमदनी अर्जित करने वाले महज तीन समूहों को भी सर्वे सूची में शामिल किया गया है।




क्या कहते हैं अधिकारी

राज्य सरकार के दिशा निर्देशों पर सर्वे का कार्य शुरू हो चुका है। जो कि मार्च माह तक संचालित किया जाएगा। सर्वे का सारा कार्य ऑनलाइन एप के माध्यम से किया जाना है। एप में संकलित सभी डाटा राज्य सरकार के पास जमा होगा। - राम सलोने, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पौड़ी।
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