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विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा रद्द होने पर भड़के छात्र
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सीयूईटी (विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के लगातार रद्द होने से नाराज छात्र संगठन आईसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ने एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि एनटीए की लापरवाही से छात्र-छात्राओं को समय और धन का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शनिवार को आइसा के सदस्यों ने कुलपति सचिवालय के गेट पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी एनटीए को मिली है लेकिन एनटीए की ओर से परीक्षा की कोई तैयारी नहीं है। चार अगस्त के बाद सात अगस्त को होने वाली सीयूईटी भी स्थगित कर दी गई। इससे छात्रों को फजीहत झेलनी पड़ रही है।
गेट पर नारेबाजी करने के पश्चात छात्रों ने सहायक कुलसचिव (परीक्षा) अरविंद कुमार से मुलाकात की। छात्रों ने बताया कि पहली बार हो रही सीयूईटी से कई दिक्कत हो रही हैं। परीक्षा स्थगित होने से कुछ समय पूर्व इसकी सूचना दी जा रही है। पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से कई जगह सड़क अवरुद्ध है जिसके चलते कई छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जो पहुंच भी रहे हैं उनको बताया जा रहा है कि परीक्षा स्थगित हो गई है। इन कमियों में शीघ्र सुधार किया जाए।
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उन्होंने कहा कि सीयूईटी की वजह से पहाड़ के कई छात्र गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए प्रवेश के समय पाठ्यक्रमों में पहाड़ के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी जाए। इस अवसर पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित उछोली, रॉबिन असवाल, गिरीश रावत, समरवीर, वीरेंद्र, आशीष, उसामा सैफी, रितिक और अनुराग आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को आइसा के सदस्यों ने कुलपति सचिवालय के गेट पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी एनटीए को मिली है लेकिन एनटीए की ओर से परीक्षा की कोई तैयारी नहीं है। चार अगस्त के बाद सात अगस्त को होने वाली सीयूईटी भी स्थगित कर दी गई। इससे छात्रों को फजीहत झेलनी पड़ रही है।
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गेट पर नारेबाजी करने के पश्चात छात्रों ने सहायक कुलसचिव (परीक्षा) अरविंद कुमार से मुलाकात की। छात्रों ने बताया कि पहली बार हो रही सीयूईटी से कई दिक्कत हो रही हैं। परीक्षा स्थगित होने से कुछ समय पूर्व इसकी सूचना दी जा रही है। पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से कई जगह सड़क अवरुद्ध है जिसके चलते कई छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जो पहुंच भी रहे हैं उनको बताया जा रहा है कि परीक्षा स्थगित हो गई है। इन कमियों में शीघ्र सुधार किया जाए।
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उन्होंने कहा कि सीयूईटी की वजह से पहाड़ के कई छात्र गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए प्रवेश के समय पाठ्यक्रमों में पहाड़ के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी जाए। इस अवसर पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित उछोली, रॉबिन असवाल, गिरीश रावत, समरवीर, वीरेंद्र, आशीष, उसामा सैफी, रितिक और अनुराग आदि मौजूद रहे।