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दिल्ली-देहरादून रेल को दिया जाएगा सीता माता समाधि एक्सप्रेस नाम
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कोट ब्लाक स्थित देवल गांव में लक्ष्मण मंदिर में पूर्व सांसद तरुण विजय।
- फोटो : PAURI
पूर्व राज्यसभा सांसद व श्री नंदा राजजात पूर्व पीठिका समिति के अध्यक्ष तरुण विजय रविवार को कोट ब्लाक के सितोनस्यूं पट्टी स्थित सीता माता मंदिर फलस्वाड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने कहा धरती पुत्री माता सीता की भू-समाधि स्थल पौराणिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर है। यह भूमि भारत की एकता का प्रतीक बनेगी। पूर्व सांसद ने कहा कि दिल्ली-देहरादून संचालित रेल को सीता माता समाधि एक्सप्रेस का नाम दिया जाएगा। क्षेत्र में वृहत स्तर पर शोध किए जाने के लिए संस्कृति विभाग की टीम गठित की जाएगी।
रविवार को पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय सीता माता मंदिर परिसर फलस्वाड़ी पहुंचे। इसके बाद वे श्री लक्ष्मण मंदिर समूूह देवल गांव गए। जहां उन्होंने लक्ष्मण जी की पूजा अर्चना के बाद महिलाओं द्वारा गाए गए माता सीता से जुड़े तीन लोकगीत रिकॉर्ड किए। पूर्व सांसद इसके बाद विदाकोटी व सीतासैण पहुंचे। उन्होंने कहा कि सीता माता मंदिर को विश्वस्तरीय भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाओस ने तो अपने राष्ट्रीय बैंक का नाम ही सीता बैंक रखा हुआ है। जापान, कोरिया, थाईलैंड व इंडोनेशिया में भी माता सीता पूजनीय हैं। उन्होंने कहा कि सीता सर्किट में शामिल सभी मंदिर 8वीं शताब्दी के हैं। सभी मंदिर नागर शैली में बने हुए हैं। क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं, जिसके लिए संस्कृति मंत्रालय की टीम तैयार की जाएगी।
माता सीता से जुड़े लोकगीतों, लोकोक्तियों के संग्रहण को आकाशवाणी व दूरदर्शन की टीमें अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही क्षेत्रीय लोक गायकों को राष्ट्रीय फलक पर सम्मानित भी किया जाएगा। पूर्व सांसद तरुण विजय ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री से बातचीत कर दिल्ली-देहरादून संचालित रेल का नाम सीता माता समाधि एक्सप्रेस किया जाएगा। पूर्व सांसद ने कहा कि फलस्वाड़ी को जनकपुर धाम, नेपाल, सीतामढ़ी बिहार होते हुए दक्षिण भारत में माता सीता की स्मृतियों से जुड़े स्थालों से जोड़ने के प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक पौड़ी मुकेश कोली, संस्कृति विभाग के पुरातत्ववेत्ता डा. शिशिर जैन, जिला महामंत्री भाजपा जगत किशोर बड़थ्वाल, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा सुषमा रावत, प्रदीप भट्ट, अनूप देवरानी, मयूर भट्ट आदि मौजूद रहे।
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रविवार को पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय सीता माता मंदिर परिसर फलस्वाड़ी पहुंचे। इसके बाद वे श्री लक्ष्मण मंदिर समूूह देवल गांव गए। जहां उन्होंने लक्ष्मण जी की पूजा अर्चना के बाद महिलाओं द्वारा गाए गए माता सीता से जुड़े तीन लोकगीत रिकॉर्ड किए। पूर्व सांसद इसके बाद विदाकोटी व सीतासैण पहुंचे। उन्होंने कहा कि सीता माता मंदिर को विश्वस्तरीय भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाओस ने तो अपने राष्ट्रीय बैंक का नाम ही सीता बैंक रखा हुआ है। जापान, कोरिया, थाईलैंड व इंडोनेशिया में भी माता सीता पूजनीय हैं। उन्होंने कहा कि सीता सर्किट में शामिल सभी मंदिर 8वीं शताब्दी के हैं। सभी मंदिर नागर शैली में बने हुए हैं। क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं हैं, जिसके लिए संस्कृति मंत्रालय की टीम तैयार की जाएगी।
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माता सीता से जुड़े लोकगीतों, लोकोक्तियों के संग्रहण को आकाशवाणी व दूरदर्शन की टीमें अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही क्षेत्रीय लोक गायकों को राष्ट्रीय फलक पर सम्मानित भी किया जाएगा। पूर्व सांसद तरुण विजय ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री से बातचीत कर दिल्ली-देहरादून संचालित रेल का नाम सीता माता समाधि एक्सप्रेस किया जाएगा। पूर्व सांसद ने कहा कि फलस्वाड़ी को जनकपुर धाम, नेपाल, सीतामढ़ी बिहार होते हुए दक्षिण भारत में माता सीता की स्मृतियों से जुड़े स्थालों से जोड़ने के प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक पौड़ी मुकेश कोली, संस्कृति विभाग के पुरातत्ववेत्ता डा. शिशिर जैन, जिला महामंत्री भाजपा जगत किशोर बड़थ्वाल, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा सुषमा रावत, प्रदीप भट्ट, अनूप देवरानी, मयूर भट्ट आदि मौजूद रहे।

कोट ब्लाक स्थित फलस्वाड़ी गांव में सीता माता मंदिर परिसर की ओर जाते पूर्व सांसद तरुण विजय।- फोटो : PAURI
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