श्रीनगर। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडियान (एसएफआई) ने तहसील के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कलस्टर विद्यालयों का विरोध किया है। कहा कि सरकार सरकारी विद्यालयों को बंद कर शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण काे बढ़ावा दे रही है। छात्र संगठन ने सरकार से कलस्टर विद्यालय योजना को वापस लिए जाने और विद्यालयों को सुविधा संपन्न बनाने सहित शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञान में कहा कि बीते चार से पांच वर्षों में प्रदेश में बड़ी संख्या में विद्यालय बंद किए गए हैं। अब करीब 3573 विद्यालयों को ''''क्लस्टर योजना'''' के अंतर्गत विलय करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जिससे हजारों बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। इसके अतिरिक्त राज्य के 10 हजार 470 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं है। कई विद्यालय एकल शिक्षक के भरोंसे संचालित हो रहे हैं। कुल मिलाकर 17 हजार 787 शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं और वर्ष 2016 से लगभग 2300 पदोन्नतियां लंबित हैं। छात्र संगठन ने सरकार से बंद पड़े विद्यालयों को खोलने, क्लस्टर योजना को स्थगित करने, एकीकरण से पूर्व स्थानीय जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों तथा छात्र हितों का गहनता से परीक्षण करने, प्रत्येक गांव एवं बस्ती में छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय खोलने, शिक्षकों की तैनाती, उच्च शिक्षा को निशुल्क कर छात्रवृत्ति की सुविधा दिए जाने, विद्यालय में भवन, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, स्वच्छ टॉयलेट, पीने का पानी, खेलकूद सामग्री एवं बिजली की अनिवार्य व्यवस्था करने तथा एनसीसी व एनएसएस की यूनिट खोलने आदि की मांग की है।