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प्रशासन ने सीता देवी अस्पताल में कराया भर्ती
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
Updated Fri, 30 Jan 2015 05:03 PM IST
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मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में आमरण अनशन पर बैठी आंदोलनकारी सीता देवी को प्रशासन ने तड़के पांच बजे धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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इसके बाद समीर रतूड़ी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। प्रशासन की कार्रवाई से आक्रोशित महिलाओं ने दिन में क्रशर की ओर जा रहे ट्रकों को रोक दिया।
ग्रामीणों की मांग की अनदेखी करने के विरोध में सात आंदोलनकारियों ने बाल मुंडवा दिए।
22 दिसंबर से मलेथा के लोग स्टोन क्रशर के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। 20 दिसंबर से 50 वर्षीय सीता देवी आमरण अनशन पर बैठी थीं।
आंदोलनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए शुक्रवार तड़के पांच बजे एसडीएम दीपेंद्र नेगी और कोतवाल एएस रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम और पुलिस बल ने उन्हें अनशन स्थल से उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कर दिया।
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वहां चिकित्सकों ने उनको ड्रिप चढ़ाई। सीता देवी को अनशन स्थल से उठाने की खबर गांव में पहुंचते ही महिलाएं धरना स्थल की ओर दौड़ पड़ीं।
उन्होंने टिहरी मोटर मार्ग पर आने-जाने वाले ट्रकों के आगे खडे़ होकर उनको रोकना शुरू कर दिया। शाम तक महिलाओं ने छह ट्रकों को कब्जे में ले लिया।
पूर्वाह्न 11 बजे ग्राम प्रधान शूरवीर बिष्ट, देवी सिंह, दिनेश भट्ट, हरीश लाल, भूपति राणा, कीर्ति सिंह नेगी और बलवंत सिंह ने सरकार की
अनदेखी पर विरोधस्वरूप बाल मुंडवाएं। मध्याह्न 12 बजे से हिमालय बचाओ आंदोलन के कोर कमेटी सदस्य समीर रतूड़ी आमरण अनशन पर बैठ गए।
जबकि विजय सिंह, कीर्ति सिंह, राजेंद्र और विधाता देवी क्रमिक अनशन पर बैठे।
दूल्हा भी बैठा धरने पर
अपनी जीवन साथी लाने से पहले एक दूल्हे ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। बृहस्पतिवार शाम गांव के नरेंद्र की बारात डांग गांव जानी थी। रवाना होने से पहले नरेंद्र दूल्हे के परिधान में धरनास्थल पर पहुंचा और करीब आधा घंटे सांकेतिक धरना दिया।
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