{"_id":"61f0325270990347be058158","slug":"retired-employees-expressed-displeasure-over-asking-for-option-letter-pauri-news-drn402559348","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विकल्प पत्र मांगे जाने पर जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विकल्प पत्र मांगे जाने पर जताई नाराजगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना में शामिल होने या न होने को लेकर विकल्प पत्र मांगे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। गढ़वाल सेवानिवृत्त कर्मचारी समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब कर्मचारियों को इस योजना में शामिल किया गया था, उस समय विकल्प पत्र क्यों नहीं मांगे गए।
गढ़वाल सेवानिवृत्त कर्मचारी समिति ने संयुक्त सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग को ज्ञापन भेजा। समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह राणा और सचिव सुरेश चंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि 1 जनवरी 2021 को राज्य सरकार की ओर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए अनिवार्य रूप से अंशदान की कटौती की गई थी, जिसके लिए सरकार ने योजना शुरू करते समय सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों से विकल्प पत्र नहीं मांगे, लेकिन अब योजना में शामिल होने या ना होने के लिए विकल्प पत्र मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर 2021 को कोर्ट ने राज्य के सभी पेंशनरों से मासिक अंशदान कटौती स्थगित करने के निर्देश दिए थे। अब राज्य सरकार की ओर से पेंशनरों से विकल्प मांगे जाने का कोई औचित्य ही नहीं रह गया है। कहा कि कोई भी पेंशनर व सेवानिवृत्त कर्मचारी विकल्प पत्र नहीं देगा।
विज्ञापन
गढ़वाल सेवानिवृत्त कर्मचारी समिति ने संयुक्त सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग को ज्ञापन भेजा। समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह राणा और सचिव सुरेश चंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि 1 जनवरी 2021 को राज्य सरकार की ओर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए अनिवार्य रूप से अंशदान की कटौती की गई थी, जिसके लिए सरकार ने योजना शुरू करते समय सेवानिवृत्त कर्मचारियों व पेंशनरों से विकल्प पत्र नहीं मांगे, लेकिन अब योजना में शामिल होने या ना होने के लिए विकल्प पत्र मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर 2021 को कोर्ट ने राज्य के सभी पेंशनरों से मासिक अंशदान कटौती स्थगित करने के निर्देश दिए थे। अब राज्य सरकार की ओर से पेंशनरों से विकल्प मांगे जाने का कोई औचित्य ही नहीं रह गया है। कहा कि कोई भी पेंशनर व सेवानिवृत्त कर्मचारी विकल्प पत्र नहीं देगा।
विज्ञापन