{"_id":"678557fc0c4b266ac6013f67","slug":"residents-angry-over-health-mismanagement-of-pauri-district-pauri-news-c-5-1-drn1034-593758-2025-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: पौड़ी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य अव्यवस्था पर भड़के नगरवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: पौड़ी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य अव्यवस्था पर भड़के नगरवासी
विज्ञापन
पौड़ी। पौड़ी-सत्यखाल- देहलचौरी मोटरमार्ग पर चुलीधार में हुए बस हादसे के बाद नगरवासियों ने जिला अस्पताल पौड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जताया। कहा कि जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के काम नहीं आ रहीं। आक्रोशित लोगों ने प्रदेश सरकार के साथ ही जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने जल्द ही जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधारने की मांग उठाई। आक्रोशित नगरवासियों ने कलेक्ट्रेट में पहले धरना दिया, फिर कोतवाली में सामूहिक गिरफ्तारी दी।
सोमवार को अपने पूर्व कार्यक्रम के तहत व्यापारी व स्थानीय निवासी स्व. एचएन बहुगुणा मूर्ति स्थल पर पहुंचे। नगरवासियाें ने बीते रविवार को बस हादसे के मृतकों को जिला अस्पताल में सही से उपचार नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। व्यापार सभा समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थाई नियुक्ति की मांग पर अड़े रहे।
डीएम ने मौजूद नहीं होने पर एडीएम अनिल गर्ब्याल ने पदाधिकारियों से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने एडीएम को स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य सचिव से फोन पर वार्ता करने को कहा। लेकिन एडीएम ने आचार संहिता का हवाला देकर कॉल करने में असमर्थता जताई। फिर पदाधिकारियों ने सीएमओ को वार्ता करने को बुलाया। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी सीएमओ नहीं पहुंचे। इस पर नाराज नगरवासियों ने कोतवाली पौड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने सामूहिक व सांकेतिक गिरफ्तारी करवाई। पुलिस उप अधीक्षक सदर अनुज कुमार ने बताया कि पुलिस ने सांकेतिक गिरफ्तारी में करीब 50 से 60 लोगों के नाम दर्ज किए हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर व्यापार सभा के अध्यक्ष विनय शर्मा, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, प्रदीप असवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी, धमेंद्र कठैत, संजय पंवार, पंकज सिंह, सलमान, बीरा भंडारी, कुसुम चमोली, प्रियंका थपलियाल आदि शामिल रहे।
मृतकों को चार-चार व गंभीर घायलों को एक- एक लाख की घोषणा
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी बस हादसे में मृतकों के परिजनों को 4-4 और गंभीर घायलों को 1- 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी से अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए समुचित उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। कहा है कि घायलों को यदि हायर सेंटर रेफर करना पड़े तो जिलाधिकारी तत्काल इसका संज्ञान लें।
विज्ञापन
सोमवार को अपने पूर्व कार्यक्रम के तहत व्यापारी व स्थानीय निवासी स्व. एचएन बहुगुणा मूर्ति स्थल पर पहुंचे। नगरवासियाें ने बीते रविवार को बस हादसे के मृतकों को जिला अस्पताल में सही से उपचार नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। व्यापार सभा समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थाई नियुक्ति की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
डीएम ने मौजूद नहीं होने पर एडीएम अनिल गर्ब्याल ने पदाधिकारियों से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने एडीएम को स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य सचिव से फोन पर वार्ता करने को कहा। लेकिन एडीएम ने आचार संहिता का हवाला देकर कॉल करने में असमर्थता जताई। फिर पदाधिकारियों ने सीएमओ को वार्ता करने को बुलाया। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी सीएमओ नहीं पहुंचे। इस पर नाराज नगरवासियों ने कोतवाली पौड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने सामूहिक व सांकेतिक गिरफ्तारी करवाई। पुलिस उप अधीक्षक सदर अनुज कुमार ने बताया कि पुलिस ने सांकेतिक गिरफ्तारी में करीब 50 से 60 लोगों के नाम दर्ज किए हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर व्यापार सभा के अध्यक्ष विनय शर्मा, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, प्रदीप असवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी, धमेंद्र कठैत, संजय पंवार, पंकज सिंह, सलमान, बीरा भंडारी, कुसुम चमोली, प्रियंका थपलियाल आदि शामिल रहे।
मृतकों को चार-चार व गंभीर घायलों को एक- एक लाख की घोषणा
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी बस हादसे में मृतकों के परिजनों को 4-4 और गंभीर घायलों को 1- 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी से अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए समुचित उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। कहा है कि घायलों को यदि हायर सेंटर रेफर करना पड़े तो जिलाधिकारी तत्काल इसका संज्ञान लें।