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चावल और दालों से बनी राखी पहनेंगे भाई

Sat, 01 Aug 2020 08:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 08:27 PM IST
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Rakshabandhan tomorrow, sisters will be able to tie rakhi throughout the day
चंबा (टिहरी)। इस साल तीन अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया रहेगा, लेकिन अच्छी बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा केवल 9.29 बजे तक ही है। इसके चलते बहनें भाई की कलाई पर सुबह साढ़े नौ बजे के बाद दिनभर राखी बांध सकेंगी। ज्योतिष के अनुसार भद्रा काल में शुभ कार्य की मनाही है।
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सावन मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस साल भद्रा काल 2 अगस्त को रात 9.28 बजे से 3 अगस्त को सुबह 9.29 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में राखी बांधने की सलाह दे रहे हैं। वहीं इस बार रक्षाबंधन पर सोमवार के साथ ही रवि योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग के साथ मनाया जाएगा। सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण इस रक्षाबंधन पर भाई और बहन दोनों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। वहीं रवि योग भाई की कलाई पर बांधने वाले रक्षा सूत्र को और मजबूत करने के साथ ही दीर्घायु प्रदान करने वाला होगा। इसके अलावा इस बार 3 अगस्त को सावन के सोमवार के साथ ही पूर्णिमा भी है, ऐसा संयोग बहुत ही कम पड़ता है कि सोमवार के दिन पूर्णिमा पड़ जाए। ज्योतिषाचार्य वासुदेव सेमवाल का कहना है कि भद्रा काल में मंगल कार्य नहीं किए जाते हैं। भद्रा के बाद रक्षाबंधन का पर्व मनाना शास्त्र सम्मत और मंगलकारी रहेगा।
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क्या है भद्रा
देव-दानवों के युद्ध में भगवान शिव के शरीर से भद्रा उत्पन्न हुई। दैत्यों के संहार के लिए गर्दभ के मुख और लंबी पूंछ वाली भद्रा को ज्योतिष में सर्पिणी के समान विषैला बताया गया है। इसी कारण ऋषि-मुनियों ने प्राचीन काल से ही भद्रा की अवधि को समस्त मांगलिक कार्यों के लिए निषिद्ध घोषित किया है।
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स्वदेशी राखियों से बाजार गुलजार, चीनी माल गायब
कोटद्वार। बाजारों से चीनी राखियां गायब हैं। स्वदेशी रंग बिरंगी राखियों से बाजार गुलजार बना हुआ है। बाजार में एक रुपये से लेकर 350 रुपये तक की राखी उपलब्ध है।
कोटद्वार के झंडाचौक, गंगादत्त जोशी मार्ग, गोखले मार्ग, देवी रोड, स्टेशन रोड व मालिनी मार्केट पर राखी की दुकानें सजी हुई हैं। यहां बच्चों के लिए स्वदेशी काटूर्न मोटू पतलू, शक्तिमान आदि की राखी, युवाओं के लिए जरकिन, लकड़ी पर नक्काशी गई राखी, रेशमी धागों की खूबसूरत राखी और बुजुर्ग भाइयों के लिए ओम लिखी हुई और तुलसी-रुद्राक्ष की राखी उपलब्ध है। इसके अलावा स्वर्णकारों ने अपनी दुकान में चांदी और सोनी की राखियों को भी सजाया है। इनकी कीमत पांच हजार से 30 हजार रुपये तक रखी गई है।
वहीं, इंटर कॉलेज परसुंडाखाल के एनएसएस स्वयंसेवी ‘कोविड केयर रक्षासूत्र’ अभियान के तहत स्वनिर्मित राखियां ग्रामीणों को वितरित कर वोकल फॉर लोकल का संदेश दे रहे हैं। एनएसएस के गढ़वाल मंडल कार्यक्रम समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुरजी नेगी, स्वयंसेवी सलोनी रावत, श्वेता, दीक्षा, कशिश, अंबिका, सलोनी नेगी, निशा, मनीषा, राधिका, नीतू राणा और साक्षी तोपाल ने लोगों राखियां बांटी।
बच्चे घर में ही बना रहे हैं सुंदर राखी
पौड़ी/देवप्रयाग। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल-कॉलेज बंद हैं। इस दौरान बच्चे घर पर ही कई रचनात्मक कार्य कर रहे हैं। इस रक्षाबंधन पर बच्चे घर पर ही रखी बनाने में जुटे हैं। अग्रिमा ने कहा कि इस वर्ष हमने घर पर ही राखी बनाई है। राखियों को डिजायन देने के लिए हमने चावल व दालों का उपयोग किया है। डायट पौड़ी के द्विवार्षिक डीएलएड प्रशिक्षित पारुल बिष्ट, कृतिका पंवार, दीपिका व हिमानी ने बताया कि सभी प्रशिक्षित डीएलएड प्रशिक्षण पूर्ण करने के साथ ही टीईटी भी उत्तीर्ण कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को राखी भेजकर उपहार में नियुक्तियों की मांग की गई है। उधर, देवप्रयाग में लोगों ने चीनी राखियों के बहिष्कार कर परंपरागत राखियां ही बेचने के लिए रखी है।

सेना के जवानों को महिलाओं ने बांधी राखी
जोशीमठ/गोपेश्वर। चीन सीमा की निगेहबानी कर रहे आईटीबीपी के हिमवीरों और सेना के जवानों के लिए जोशीमठ की महिलाओं ने राखी भेजी है। महिलाओं ने जोशीमठ पहुंचे जवानों को राखियां सौंपीं और उन्हें भी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। महिलाओं ने सीमा पर तैनात जवानों के लिए 450 राखी भेजी हैं। देवेश्वरी शाह, धनेश्वरी राणा, कुसुम सती, मालती और सुरभि का कहना है कि वे 10 सालों से जवानों के हाथों पर राखी बांधने के साथ ही बॉर्डर पर तैनात भाईयों के लिए राखी भेजती आई हैं। आईटीबीपी के हिमवीर जवानों ने कहा कि घर से दूर होने के बाद भी वह रक्षाबंधन मना पाएंगे। यहां की बहनों ने अपनी बहनों की कमी महसूस नहीं होने दी। इधर, गोपेश्वर में भाजपा मोर्चे की जिलाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, बीस सूत्री क्रियान्वयन की अध्यक्ष सुधा बिष्ट, शांति राणा, कलावती पाठक, कमला रावत, दीपा नेगी, मीना गोस्वामी आदि राखी बनाने में जुटी हैं।
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