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प्रधानाचार्य स्वयं व्यवस्था पर तैनात कर सकेंगे विज्ञान के शिक्षक : बिष्ट
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जिला मुख्यालय में समग्र शिक्षा एवं एससीईआरटी की ओर से जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सतत विकास के लिए बुनियादी विज्ञान: चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर संगोष्ठी हुई। कहा गया कि विज्ञान में अंधविश्वास के लिए कोई जगह नहीं है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल ने कहा कि विज्ञान के विषय की पढ़ाई के लिए अब प्रधानाचार्य अपनी ओर से व्यवस्था पर शिक्षक तैनात कर सकते हैं।
जीजीआईसी सभागार में आयोजित जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महावीर बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के प्रति सबसे पहले शिक्षक का ध्येय स्पष्ट होना चाहिए। जब वैज्ञानिक सोच होगी, तभी बुनियादी विज्ञान को समझा जा सकता है। विज्ञान में अंधविश्वास के लिए कोई जगह नहीं है। अपर निदेशक ने कहा कि विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए सरकार व शासन प्रधानाचार्यों को अहम जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। कहा जिन विद्यालयों में विज्ञान के शिक्षक नहीं है वहां प्रधानाचार्य शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्था पर विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति कर पाएंगे। मुख्य शिक्षाधिकारी डा. आनंद भारद्वाज ने कहा कि विज्ञान के प्रति छात्रों में अभिरुचि पैदा करने के लिए शिक्षक में वैज्ञानिक सोच जरूरी है। इस दौरान डीईओ माध्यमिक रामेंद्र कुशवाहा, डीईओ बेसिक डा. शिव पूजन सिंह, प्रधानाचार्य जीजीआईसी पौड़ी ममता काला, जिला विज्ञान समन्वयक डीएस गुसाईं ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में जिले के 15 ब्लॉकों से 30 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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जीजीआईसी सभागार में आयोजित जनपदीय विज्ञान संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महावीर बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के प्रति सबसे पहले शिक्षक का ध्येय स्पष्ट होना चाहिए। जब वैज्ञानिक सोच होगी, तभी बुनियादी विज्ञान को समझा जा सकता है। विज्ञान में अंधविश्वास के लिए कोई जगह नहीं है। अपर निदेशक ने कहा कि विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए सरकार व शासन प्रधानाचार्यों को अहम जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। कहा जिन विद्यालयों में विज्ञान के शिक्षक नहीं है वहां प्रधानाचार्य शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्था पर विज्ञान के शिक्षकों की नियुक्ति कर पाएंगे। मुख्य शिक्षाधिकारी डा. आनंद भारद्वाज ने कहा कि विज्ञान के प्रति छात्रों में अभिरुचि पैदा करने के लिए शिक्षक में वैज्ञानिक सोच जरूरी है। इस दौरान डीईओ माध्यमिक रामेंद्र कुशवाहा, डीईओ बेसिक डा. शिव पूजन सिंह, प्रधानाचार्य जीजीआईसी पौड़ी ममता काला, जिला विज्ञान समन्वयक डीएस गुसाईं ने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में जिले के 15 ब्लॉकों से 30 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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