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सड़क किनारे बर्बाद हो रही जैविक खाद
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विकासखंड कीर्तिनगर के न्यूली गांव में सड़क किनारे जैविक खाद और दवाइयां लावारिस पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो सप्ताह से यह सामग्री सड़क किनारे खराब हो रही है, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली।
क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से गांवों में समूह का गठन किया गया था, जिन्हें विभाग की ओर से बीज, खाद और जैविक दवा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही जैविक खाद तैयार करने के लिए उन्हें जैव रसायन भी दिए जा रहे हैं, लेकिन न्याय पंचायत क्षेत्र सेमीसेमला के दर्जनों गांवों के समूहों के लिए भेजी गई जैविक खाद और जैव केमिकल्स गत दो सप्ताह से न्यूली गांव में सड़क किनारे बर्बाद हो रही है। प्रधान संजय डंगवाल ने बताया कि सड़क किनारे पड़ी यह सामग्री बारिश से खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि गांव में नमामि गंगे परियोजना की ओर से भी ग्रामीणों को जैविक खाद और दवा का वितरण किया गया था। विभाग के न्यायपंचायत प्रभारी विनय डिमरी ने बताया कि उनको विभाग की ओर से तीन न्याय पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद भी क्षेत्र के अधिकतर लोगों को दवा और खाद बांटी गई है, लेकिन कुछ बच गई थी। जिन्हें शीघ्र ही काश्तकारों में बांटा जाएगा। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हरीशचंद्र भारद्वाज का कहना है कि मामले का पता करवाया जा रहा है। कर्मी की ओर से बची हुई सामग्री को किसी के पास सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए था।
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क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से गांवों में समूह का गठन किया गया था, जिन्हें विभाग की ओर से बीज, खाद और जैविक दवा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही जैविक खाद तैयार करने के लिए उन्हें जैव रसायन भी दिए जा रहे हैं, लेकिन न्याय पंचायत क्षेत्र सेमीसेमला के दर्जनों गांवों के समूहों के लिए भेजी गई जैविक खाद और जैव केमिकल्स गत दो सप्ताह से न्यूली गांव में सड़क किनारे बर्बाद हो रही है। प्रधान संजय डंगवाल ने बताया कि सड़क किनारे पड़ी यह सामग्री बारिश से खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि गांव में नमामि गंगे परियोजना की ओर से भी ग्रामीणों को जैविक खाद और दवा का वितरण किया गया था। विभाग के न्यायपंचायत प्रभारी विनय डिमरी ने बताया कि उनको विभाग की ओर से तीन न्याय पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद भी क्षेत्र के अधिकतर लोगों को दवा और खाद बांटी गई है, लेकिन कुछ बच गई थी। जिन्हें शीघ्र ही काश्तकारों में बांटा जाएगा। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हरीशचंद्र भारद्वाज का कहना है कि मामले का पता करवाया जा रहा है। कर्मी की ओर से बची हुई सामग्री को किसी के पास सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए था।
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