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संस्कृत भाषा के संरक्षण में सभी दें योगदान: तीरथ
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पौड़ी जिले में स्थित ज्वालपा देवी धाम में श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति का स्वर्णजयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर ज्वालपाधाम संस्कृत विद्यालय/ महाविद्यालय के बच्चों ने नाटक और योग का प्रदर्शन किया। वहीं, नवोदय विद्यालय संतुधार की छात्राओं ने आकर्षक वेशभूषा में गढ़वाली लोकगीत और गरबा नृत्य प्रस्तुत किया।
ज्वालपा देवी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड सहकारी संघ के अध्यक्ष बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल और सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डा. वाजश्रवा आर्य ने किया। सांसद रावत ने समिति को स्वर्ण जयंती की बधाई दी। उन्होंने संस्कृत भाषा को जीवित रखने के प्रयासों का जिक्र करते हुए इस बात की सराहना की कि ज्वाल्पा देवी धाम में अच्छी प्रगति हो रही है। वहीं राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष गैरोला ने कहा कि पलायन से उपजी विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए चिंतनशील समाज को जागरूक होना पड़ेगा। गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अंथवाल ने धाम के प्रगति व इतिहास पर प्रकाश डाला। वहीं समिति के अध्यक्ष कर्नल शांति प्रसाद थपलियाल ने बताया कि पिछले 50 सालों में समिति ने जनसहयोग से ज्वालपा देवी धाम में लगभग डेढ़ सौ व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था की है। साथ ही समिति एक संस्कृत विद्यालय और एक महाविद्यालय भी संचालित करती है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविख्यात रंगकर्मी डॉ. उर्मिल कुमार थपलियाल ने बोलियों के महत्व पर बल दिया। संस्कृत विद्यालय की विभिन्न समस्याओं के प्रति ध्यान आकर्षण के लिए समिति के मुख्यसचिव रमेश चंद्र थपलियाल ने गढ़वाल सांसद को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का संचालन पार्थसारथि थपलियाल ने किया।
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ज्वालपा देवी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड सहकारी संघ के अध्यक्ष बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल और सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डा. वाजश्रवा आर्य ने किया। सांसद रावत ने समिति को स्वर्ण जयंती की बधाई दी। उन्होंने संस्कृत भाषा को जीवित रखने के प्रयासों का जिक्र करते हुए इस बात की सराहना की कि ज्वाल्पा देवी धाम में अच्छी प्रगति हो रही है। वहीं राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष गैरोला ने कहा कि पलायन से उपजी विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए चिंतनशील समाज को जागरूक होना पड़ेगा। गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अंथवाल ने धाम के प्रगति व इतिहास पर प्रकाश डाला। वहीं समिति के अध्यक्ष कर्नल शांति प्रसाद थपलियाल ने बताया कि पिछले 50 सालों में समिति ने जनसहयोग से ज्वालपा देवी धाम में लगभग डेढ़ सौ व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था की है। साथ ही समिति एक संस्कृत विद्यालय और एक महाविद्यालय भी संचालित करती है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविख्यात रंगकर्मी डॉ. उर्मिल कुमार थपलियाल ने बोलियों के महत्व पर बल दिया। संस्कृत विद्यालय की विभिन्न समस्याओं के प्रति ध्यान आकर्षण के लिए समिति के मुख्यसचिव रमेश चंद्र थपलियाल ने गढ़वाल सांसद को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का संचालन पार्थसारथि थपलियाल ने किया।
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