पौड़ी। गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने सांसद निधि को खत्म किए जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि सांसद निधि का पैसा अक्सर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। पांच करोड़ की धनराशि संसदीय क्षेत्र को देखते हुए बहुत कम है। ऐसे में प्रत्येक विकास खंड स्तर पर मामूली धनराशि ही जारी हो पाती है। इसके चलते बड़े विकास कार्य न होकर खडंजे, पुश्तों आदि के निर्माण में ही धनराशि जाया हो जाती है। कहा कि सरकार को सांसद निधि ही खत्म कर देनी चाहिए। सांसदों को अवस्थापना मद में सड़क, पुल, बिजली, पानी हैंडपंप सहित अन्य विकास कार्य दिए जाने चाहिए।
रविवार को सर्किट हाउस पौड़ी में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों से वार्ता में 17वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र को ऐतिहासिक बताया। कहा कि वर्ष 1952 से वर्तमान तक के इतिहास में यह सत्र सबसे लंबे समय तक चला। सत्र में 38 विधेयक पास हुए। इनमें जम्मू-कश्मीर प्रांत से अनुच्छेद 370 और 35 ए समाप्त किया जाना, तीन तलाक बिल सबसे महत्वपूर्ण रहा। कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारत के 42 हजार सैनिक शहीद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संसद के विभिन्न सत्रों में उन्होंने 11 प्रश्न संसद में उठाए, जिनमें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड का मुद्दा पहला रहा। कहा कि एनआईटी का स्थायी परिसर सुमाड़ी में ही बनाया जाएगा। श्रीनगर रेशम विभाग व आईटीआई की भूमि में अस्थायी परिसर बनाया जाएगा। इस अवसर पर विधायक पौड़ी मुकेश कोली, पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा मधु खुगशाल, मातवर सिंह, ओपी जुगरान, धर्मवीर रावत, कमल रावत व संजय रावत आदि मौजूद थे।