उत्तराखंड की माटी की खुशबू इन दिनों लंदन से पूरी दुनिया में अपनी महक बिखेर रही है। पौड़ी जिले के बुजुर्ग किसान की मेहनत पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म मोतीबाग को बीबीसी के रिल्स ऑनलाइन फिल्म फेस्टिवल-लॉग शॉट्स में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में शामिल होने वाली उत्तराखंड की यह एकमात्र डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। फिल्म को पुरस्कार दिलाने के लिए बीबीसी की वेबसाइट पर जाकर 31 अगस्त तक वोटिंग करनी होगी।
जिले के कल्जीखाल ब्लाक स्थित सांगुडा गांव के बुजुर्ग किसान विद्या दत्त शर्मा 54 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को संजोए हुए हैं। डॉक्यमेंट्री फिल्म में इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष पिरोया गया है। फिल्म का नाम मोतीबाग है, जो किसान शर्मा के बगीचे के नाम से ही रखा गया है। फिल्म में पहाड़ के पलायन, पर्यावरण, जल संरक्षण को लेकर बुजुर्ग किसान की जीवटता को मार्मिक रूप में सामने रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म मोतीबाग ने देश व दुनिया के कोने-कोने में पहाड़ के लोक जीवन को दिखाया है। इससे पहले मोतीबाग केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म महोत्सव में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। धरती पुत्र के जीवन संघर्ष पर बनी मोतीबाग को ऑस्कर फिल्म फेस्टिवल में भी एंट्री मिल चुकी है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल ने बताया कि बीबीसी के रिल्स ऑनलाइन फिल्म फेस्टिवल-लॉग शॉट्स श्रेणी में मोतीबाग को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में शामिल यह उत्तराखंड की एकमात्र डॉक्यूमेंट्री फिल्म है। उन्होंने कहा कि फिल्म को पुरस्कार मिलने के लिए उत्तराखंड के साथ ही पूरे भारत देश से लोगों से वोट करने की अपील की जा रही है। डंडरियाल ने कहा कि https://www.bbc.com/reel/longshots पर जाकर फिल्म के लिए वोटिंग कर सकते हैं। वोटिंग लाइन 31 अगस्त तक खुली हैं। निर्देशक डंडरियाल ने उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक से बीबीसी की वेबसाइड पर जाकर मोतीबाग के लिए अधिक-से-अधिक वोट करने की अपील की।