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Pauri News: बहुद्देशीय शिविर में पीपीपी मोड के चिकित्सकों की कार्यशैली से नाराज हुए विधायक
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पौड़ी। समाज कल्याण विभाग की ओर से कल्जीखाल ब्लॉक मुख्यालय में आयोजित दूसरे बहुद्देशीय शिविर में जरूरतमंदों को रेफर करने को लेकर विधायक व प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की पीपीपी मोड के चिकित्सकों के साथ गहमागहमी हो गई। हालांकि बाद में चिकित्सकों के माफी मांगने के बाद मामला शांत हो गया। शिविर में 58 लोगों ने विभिन्न प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए पंजीकरण करवाया।
विभागीय रोस्टर के तहत बृहस्पतिवार को शिविर तय समय पर आयोजित हुआ। विधायक राजकुमार पोरी व प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र राणा ने शिविर का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आसपास के ग्रामीण ब्लॉक पहुंचे। ग्रामीणों ने आंखों, कानों व दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आर्थो, ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञों ने जांच करवाई। लेकिन पीपीपी मोड के जिला अस्पताल पौड़ी के चिकित्सकों ने सभी मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
इस पर ग्रामीणों ने विधायक पोरी व प्रमुख राणा से चिकित्सकों की शिकायत की। दोनों जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सकों से रेफर का कारण पूछा तो वे उल्टा विधायक व प्रमुख पर भड़क गए। जिसके बाद शिविर में काफी हंगामा हुआ। विधायक ने चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की तो चिकित्सकों ने गलती मानते हुए माफी मांग ली। इस पर मामला शांत हो गया। पीपीपी मोड के जिला अस्पताल के एमएस डॉ. विजयबाबू अड्डावाला ने बताया कि चिकित्सकों से माफीनामा कराया गया है। साथ ही चिकित्सकों को इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति न करने की भी हिदायत दी गई है। वहीं शिविर नोडल व जिला दिव्यांग पुनर्वास अधिकारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि शिविर में कुल 58 जरूरतमदों ने पंजीकरण करवाया। जिसमें से 23 को प्रमाणपत्र जारी हुए। इसमें 17 मानसिक व छह को शारीरिक दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए। इसके अलावा 15 को कृत्रिम अंग, 5 को व्हीलचेयर, 5 को कानों की मशीन व पांच को छड़ी वितरित की।
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डूंक गांव निवासी 35 वर्षीय नवीन चलने फिरने में असमर्थ है। जिसके चलते वह पिछले 15 सालों से बिस्तर पर पड़ा हुआ है। बताया कि नवीन को लेकर किसी तरह परिजन शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने पहुंचे तो चिकित्सकों ने गठिया रोग बताकर उसे प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार कर दिया। साथ ही हायर सेंटर रेफर कर दिया।
सुराल गांव निवासी 17 साल का सुमित नेत्र संबंधी विकार के लिए प्रमाणपत्र बनाने पहुंचा तो चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी ने बताया कि पीपीपी मोड के चिकित्सकों ने शिविर में बिना जांच व परीक्षण के जरूरतमंदों को सीधे रेफर कर दिया।
विभागीय रोस्टर के तहत बृहस्पतिवार को शिविर तय समय पर आयोजित हुआ। विधायक राजकुमार पोरी व प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र राणा ने शिविर का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आसपास के ग्रामीण ब्लॉक पहुंचे। ग्रामीणों ने आंखों, कानों व दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आर्थो, ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञों ने जांच करवाई। लेकिन पीपीपी मोड के जिला अस्पताल पौड़ी के चिकित्सकों ने सभी मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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इस पर ग्रामीणों ने विधायक पोरी व प्रमुख राणा से चिकित्सकों की शिकायत की। दोनों जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सकों से रेफर का कारण पूछा तो वे उल्टा विधायक व प्रमुख पर भड़क गए। जिसके बाद शिविर में काफी हंगामा हुआ। विधायक ने चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की तो चिकित्सकों ने गलती मानते हुए माफी मांग ली। इस पर मामला शांत हो गया। पीपीपी मोड के जिला अस्पताल के एमएस डॉ. विजयबाबू अड्डावाला ने बताया कि चिकित्सकों से माफीनामा कराया गया है। साथ ही चिकित्सकों को इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति न करने की भी हिदायत दी गई है। वहीं शिविर नोडल व जिला दिव्यांग पुनर्वास अधिकारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि शिविर में कुल 58 जरूरतमदों ने पंजीकरण करवाया। जिसमें से 23 को प्रमाणपत्र जारी हुए। इसमें 17 मानसिक व छह को शारीरिक दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए। इसके अलावा 15 को कृत्रिम अंग, 5 को व्हीलचेयर, 5 को कानों की मशीन व पांच को छड़ी वितरित की।
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डूंक गांव निवासी 35 वर्षीय नवीन चलने फिरने में असमर्थ है। जिसके चलते वह पिछले 15 सालों से बिस्तर पर पड़ा हुआ है। बताया कि नवीन को लेकर किसी तरह परिजन शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने पहुंचे तो चिकित्सकों ने गठिया रोग बताकर उसे प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार कर दिया। साथ ही हायर सेंटर रेफर कर दिया।
सुराल गांव निवासी 17 साल का सुमित नेत्र संबंधी विकार के लिए प्रमाणपत्र बनाने पहुंचा तो चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी ने बताया कि पीपीपी मोड के चिकित्सकों ने शिविर में बिना जांच व परीक्षण के जरूरतमंदों को सीधे रेफर कर दिया।