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श्रीनगर में पाबंदियों के कारण नहीं हो सकी राजनीतिक दलों की बैठक

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श्रीनगर। एक साल पहले अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने से उतपन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए नेकां अध्यक्ष और सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक प्रशासन द्वारा लगाई गई पाबंदियों के कारण नहीं हो सकी।
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फारूक ने गुपकर रोड स्थित आवास पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं को लोकतांत्रिक तरीके से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने के लिए एक संयुक्त राजनीतिक रणनीति बनाने के लिए आमंत्रित किया था।
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नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग से नेकां सांसद हसनैन मसूदी और पीडीपी के राज्यसभा सदस्य फय्याज मीर को जिले में कोरोना महामारी के कारण प्रशासन द्वारा लगायी गयी पाबंदी का हवाला देकर गुपकर रोड से लौटा दिया गया । उन्होंने बताया कि माकपा नेता एमवाई तारिगामी, उत्तरी कश्मीर में बारामुला से नेकां सांसद अकबर लोन और अब्दुल्ला के भतीजे तथा अवामी नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख मुजफ्फर शाह को उनके आवासों के पास रोक दिया गया और आगे नहीं जाने दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा कि कश्मीर में प्रशासन ने बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी ।
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उमर ने कहा कि उनके और उनके पिता के आवास की ओर जाने वाली गुपकर रोड को प्रशासन ने सील कर दिया है । उमर अब्दुल्ला ने सुनसान सड़क की दो तस्वीरें भी पोस्ट कीं । उन्होंने ट्वीट किया, एक साल हो चुके हैं, यह आज का गुपकर रोड है। हमारे दरवाजे के ठीक सामने पुलिस के वाहन हैं। सड़क पर कुछ-कुछ दूरी पर कंटीले तार लगाए गए हैं और गाड़ियों को अनुमति नहीं है। मेरे पिता ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए मुख्यधारा के दलों के नेताओं की बैठक बुलायी थी। साफ है कि बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गयी ।
-भाजपा जश्न मना रही, हमें बैठक की अनुमति से भी डर: उमर
भाजपा पांच अगस्त के उपलक्ष्य में 15 दिनों का जश्न मना रही है और मेरे पिता के लॉन में हमें बैठक की अनुमति नहीं दी गयी। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को हैरानी हो रही कि यहां राजनीतिक गतिविधियां क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हें बैठक करने या सामान्य राजनीतिक गतिविधियां आयोजित करने की अनुमति देने से भी डर रहा है।
-हमें चुप रहने को मजबूर किया : इल्तिजा
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, एक वर्ष बाद भी प्रशासन हमें सामान्य राजनीतिक गतिविधियां आयोजित करने की अनुमति देने से डर रहा है । यह डर कश्मीर में जमीनी स्थिति को बयां करता है। बहरहाल, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि चुप रहने के लिए मजबूर किया गया है लेकिन इससे कश्मीर के लोगों की भावनाएं लंबे समय तक दबी नहीं रह पाएंगी। पिछले साल अगस्त में महबूबा को हिरासत में रखे जाने के बाद से इल्तिजा ने उनका ट्विटर हैंडल संभाल रही हैं ।

-तारीगामी बोले, हमें चर्चा भी नहीं करे दी
इस बीच सीपीआई (एम) नेता एमवाई तारीगामी ने ट्वीट किया कि गेट पर ताले और लॉकडाउन के बीच जश्न। आज डॉ. फारूक के घर पर राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होनी थी लेकिन हमें किसी को भी अनुमति नहीं दी गई। इसके जवाब में उमर ने अपने ट्वीट किया कि तारीगामी साब परेशान होने की कोई बात नहीं। कुछ सीनियर पत्रकारों को दिल्ली से श्रीनगर भेजा गया है यह दिखाने के लिए कि यहाँ सब सामान्य है। मुझे लगता है कि वे सही हैं क्योंकि नए कश्मीर के लिए अब यह सामान्य है।
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