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मॉकड्रिल समाप्त होने के बाद पहुंचे लोनिवि के अफसर
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एसडीएम कीर्तिनगर की ओर से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर आपदा से पूर्व की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, लेकिन इसमें अव्यवस्थाएं हावी रही। जहां एनएच के जेसीबी चालक को घटना स्थल का पता ही नहीं था और वह काफी देर तक भटकता रहा, वहीं लोनिवि के अधिकारी मॉकड्रिल समाप्त होने के बाद पहुंचे। यही नहीं घायलों के लिए करीब 20 किमी दूर कीर्तिनगर से मंगवाई गई कंबल भी पौन घंटे बाद पहुंची।
बृहस्पतिवार को एसडीएम अजयवीर सिंह की ओर से आपदा व दुर्घटना के समय संबंधित विभागों की तैयारी व सजगता के लिए मॉकड्रिल की गई। मॉकड्रिल में ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर मुल्यागांव के समीप अचानक भूस्खलन की चपेट में आने से एक बस के खाई में गिरने की सूचना मिली, जिस पर कोतवाल कीर्तिनगर रविंद्र यादव व थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल सिंह रावत आपदा उपकरणों सहित पुलिस व एसडीआरएफ टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। साथ ही तहसीलदार देवप्रयाग एसएस कठैत व तहसीलदार कीर्तिनगर साक्षी उपाध्याय, सीएचसी कीर्तिनगर के चिकित्सकों के साथ ही राजस्व विभाग की टीमें भी रवाना हुई।
इस दौरान एनएच के अवर अभियंता महावीर पेटवाल मौके पर पहुंचे, लेकिन जेसीबी चालक को घटना स्थल का पता नहीं होने पर वह आगे निकल गया, जबकि जल संस्थान का टैंकर भी मौके पर नहीं पहुंच पाया। पुलिस द्वारा तीन घायलों को स्ट्रेचर से बांध कर खाई से निकाला गया, लेकिन स्ट्रेचर के पुराने व नेट बोल्ट ढीले होने की वजह से रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कत आई। यही नहीं घायलों के लिए करीब 20 किमी दूर कीर्तिनगर से मंगवाए गए कंबल भी करीब 46 मिनट बाद पहुंचे। लोनिवि के अधिकारी तो मॉकड्रिल समाप्त होेने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने घटनास्थल पर देर से पहुंचे अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में अपने दायित्वों को ठीक से न निभाने की चेतावनी दी गई।
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बृहस्पतिवार को एसडीएम अजयवीर सिंह की ओर से आपदा व दुर्घटना के समय संबंधित विभागों की तैयारी व सजगता के लिए मॉकड्रिल की गई। मॉकड्रिल में ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर मुल्यागांव के समीप अचानक भूस्खलन की चपेट में आने से एक बस के खाई में गिरने की सूचना मिली, जिस पर कोतवाल कीर्तिनगर रविंद्र यादव व थाना प्रभारी देवप्रयाग महिपाल सिंह रावत आपदा उपकरणों सहित पुलिस व एसडीआरएफ टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। साथ ही तहसीलदार देवप्रयाग एसएस कठैत व तहसीलदार कीर्तिनगर साक्षी उपाध्याय, सीएचसी कीर्तिनगर के चिकित्सकों के साथ ही राजस्व विभाग की टीमें भी रवाना हुई।
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इस दौरान एनएच के अवर अभियंता महावीर पेटवाल मौके पर पहुंचे, लेकिन जेसीबी चालक को घटना स्थल का पता नहीं होने पर वह आगे निकल गया, जबकि जल संस्थान का टैंकर भी मौके पर नहीं पहुंच पाया। पुलिस द्वारा तीन घायलों को स्ट्रेचर से बांध कर खाई से निकाला गया, लेकिन स्ट्रेचर के पुराने व नेट बोल्ट ढीले होने की वजह से रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कत आई। यही नहीं घायलों के लिए करीब 20 किमी दूर कीर्तिनगर से मंगवाए गए कंबल भी करीब 46 मिनट बाद पहुंचे। लोनिवि के अधिकारी तो मॉकड्रिल समाप्त होेने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने घटनास्थल पर देर से पहुंचे अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में अपने दायित्वों को ठीक से न निभाने की चेतावनी दी गई।
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