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Pauri News: इस साल कम बारिश ने बढ़ाई चिंता, जल संकट से निपटने की तैयारियां शुरू

Sun, 02 Feb 2025 10:16 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 10:16 PM IST
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Less rainfall this year increases concern, preparations begin to deal with water crisis

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पौड़ी। इस साल बारिश नहीं होने के चलते जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार पौड़ी जिले में अक्तूबर से लेकर जनवरी तक महज 5-6 बार ही बारिश हुई। जल निगम के मुताबिक बीते साल गर्मी के चलते जिले में 85 जलस्रोत सूख गए। जबकि 107 स्रोतों में पानी नाममात्र का ही रह गया।


बीते साल गर्मी के मौसम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ा। जल निगम की मानें तो गर्मी चरम पर होने से जनपद के 284 जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। जिसमें जिले में 85 जल स्रोत पूरी तरह से सूख गए। वहीं 107 में पानी नाममात्र का ही रह गया। जबकि अवशेष 92 स्रोत आंशिक रूप से प्रभावित हुए।
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जिले के यमकेश्वर व एकेश्वर ब्लॉक में लोगों काे जल संकट से अधिक सामना करना पड़ा। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी के चलते यमकेश्वर व एकेश्वर ब्लॉक में सर्वाधिक 22- 22 जलस्रोत सूख गए। जबकि द्वारीखाल में 18, दुगड्डा में 12 तो पोखड़ा ब्लाॅक में 11 जलस्रोत सूखे। वहीं जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक बीते साल अक्तूबर व नवंबर में बारिश नहीं हुई। 24 दिसंबर को 2.2 मिमी, 28 को 175 मिमी व 29 को 103 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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पाबौ ब्लॉक की 23 ग्राम पंचायतों पर भारी पड़ती हैं गर्मियां



रिपोर्ट की मानें तो पाबौ ब्लॉक की 23 ग्राम पंचायतों पर गर्मी का मौसम भारी पड़ता है। गर्मी के मौसम में ब्लॉक की नौगांव मल्ला, बूंगा, खंडूली, नाई, बरसूड़ी, कूई, चोपड़ा, खांकर, मिलई, पालीगांव आदि ग्राम पंचायतों को दो महीने भारी जल संकट का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा रिखणीखाल की 20, खिूर्स की 19, नैनीडांडा की चार, यमकेश्वर की तीन, पौड़ी की दो व जयहरीखाल की एक ग्राम पंचायत को भी गर्मी में पानी की मार झेलनी पड़ती है।

जल संकट से निपटने के लिए अभी से तैयारी के निर्देश

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने गर्मी के सीजन से पूर्व ही जल महकमे को सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पानी की शिकायतों व सुझावों को लेकर कंट्रोल रूम बनाने, जलसंकट प्लान तैयार करने व जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर संचालन को लेकर टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। डीएम ने विभाग को 15 दिनों के भीतर जिले में जलसंकट वाले क्षेत्रों की रिपोर्ट भी तलब की है। उन्होंने रिपोर्ट के बाद सीडीओ को चिह्नित गांवों व नगरों का सर्वे कर जांच करने को कहा है।




क्या कहते हैं अभियंता



नवंबर से लेकर जनवरी तक नाममात्र की बारिश हुई। जिससे जलस्रोत पूरी तरह से रिचार्ज नहीं हो सके। फरवरी व मार्च महीनों में बारिश नहीं हुई तो पानी की कमी होना तय है। जिसके लिए महकमे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। - मो. मिशम, अधीक्षण अभियंता जल निगम, पौड़ी।
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