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कांडा लग्गा रामपुर में स्टोन क्रशर के लिए भूमि समतलीकरण शुरू
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जिला प्रशासन पौड़ी ने विकास खंड खिर्सू के कांडा लग्गा रामपुर में स्टोन क्रशर की स्थापना के लिए भूमि समतलीकरण की अनुमति को यथावत रखा है। इसके बाद क्रशर संचालक ने यहां समतलीकरण कार्य शुरू कर दिया है। वहीं दूसरे पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है।
चलणस्यूं क्षेत्र के रामपुर लग्गा कांडा में श्रीकोट निवासी राजेंद्र बिष्ट की ओर से स्टोन क्रशर लगाया जा रहा है। डुंगरीपंत व फरासू सहित अन्य गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में न्यायालय ने रिपोर्ट भी तलब की है। वहीं, फरासू निवासी नरेंद्र सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डीएम को आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुपालन में डीएम पौड़ी डा. विजय जोगदंडे ने एसडीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। समिति ने जांच में नरेंद्र सिंह के आरोपों को निराधार पाया।
आदेश के अनुसार, पेयजल लाइन का स्रोत निर्माणाधीन क्रशर प्लांट से दूर पाया गया। स्टोन क्रशर से कोई पाइप लाइन नहीं गुजर रही है। फरासू नहर का हेड स्टोन क्रशर से 2 हजार मीटर की दूरी पर स्थित है। क्रशर स्थापना से पेयजल स्रोतों, सिंचाई नहरों व काश्तकारों की भूमि को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 31 दिसंबर 2020 को जारी समतलीकरण अनुमति यथावत रखी जाती है। डीएम के आदेश के बाद यहां भूमि का समतलीकरण कार्य शुरू हो गया है। इधर, प्रशासन के निर्णय के खिलाफ फरासू में ग्रामीणों ने बैठक का आयोजन किया। तय किया गया कि इसके खिलाफ शनिवार को श्रीनगर तहसील का घेराव किया जाएगा।
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चलणस्यूं क्षेत्र के रामपुर लग्गा कांडा में श्रीकोट निवासी राजेंद्र बिष्ट की ओर से स्टोन क्रशर लगाया जा रहा है। डुंगरीपंत व फरासू सहित अन्य गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में न्यायालय ने रिपोर्ट भी तलब की है। वहीं, फरासू निवासी नरेंद्र सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डीएम को आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुपालन में डीएम पौड़ी डा. विजय जोगदंडे ने एसडीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। समिति ने जांच में नरेंद्र सिंह के आरोपों को निराधार पाया।
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आदेश के अनुसार, पेयजल लाइन का स्रोत निर्माणाधीन क्रशर प्लांट से दूर पाया गया। स्टोन क्रशर से कोई पाइप लाइन नहीं गुजर रही है। फरासू नहर का हेड स्टोन क्रशर से 2 हजार मीटर की दूरी पर स्थित है। क्रशर स्थापना से पेयजल स्रोतों, सिंचाई नहरों व काश्तकारों की भूमि को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 31 दिसंबर 2020 को जारी समतलीकरण अनुमति यथावत रखी जाती है। डीएम के आदेश के बाद यहां भूमि का समतलीकरण कार्य शुरू हो गया है। इधर, प्रशासन के निर्णय के खिलाफ फरासू में ग्रामीणों ने बैठक का आयोजन किया। तय किया गया कि इसके खिलाफ शनिवार को श्रीनगर तहसील का घेराव किया जाएगा।
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