{"_id":"2fa3e8f948ac9cda62a4d98bc030545f","slug":"khirsu-heart-disease-screening-camp-organised-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खिर्सू में हृदय रोग जांच शिविर आयोजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खिर्सू में हृदय रोग जांच शिविर आयोजित
श्रीनगर
Updated Sun, 22 Nov 2015 06:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट और अमर उजाला फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क हृदय रोग जांच शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में स्वामी राम हिमालयन विवि (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी) के विभागाध्यक्ष डा. अनुराग रावत ने 80 रोगियों का परीक्षण किया। उन्होंने दो मरीजों को तत्काल एंजियोप्लास्टी (बंद रक्त वाहिनियों को खोलने के लिए छल्ले डालने की प्रक्रिया) कराने की सलाह दी। शिविर आयोजन में स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
रविवार सुबह 10 बजे से सीएचसी खिर्सू में शिविर शुरू हुआ। हृदय रोग विशेषज्ञ डा. रावत ने 80 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें 15 फीसदी हृदय घात (हार्टअटैक) के पुराने रोगी थे। परीक्षण के बाद डा. रावत ने इन्हें दवाइयां दी। 20 मरीजों की ईसीजी की गई। जबकि 15 को अग्रिम जांच की सलाह दी गई। डा. रावत ने युवा वर्ग में उच्च रक्तचाप की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिविर में आए युवाओं का रक्तचाप काफी बड़ा हुआ था। ऐसा धूम्रपान की लत से हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उच्च रक्तचाप के मरीज आ रहे हैं, वह ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने युवाओं को धूम्रपान छोड़ने और खाने में कम नमक लेने की सलाह दी। साथ ही मार्निंग वॉक करने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
एसआरएचयू के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के मुखिया डा. रोमिल भटकोटी ने बताया कि यहां से अग्रिम जांच के लिए रेफर किए गए मरीजों को हिमालयन अस्पताल में पंजीकरण और परामर्श शुल्क नहीं देना पड़ेगा। शिविर में हिमालयन अस्पताल के तकनीशियन देव सिंह, सीएचएसी के फार्मासिस्ट पीएन गेंथवाल, स्टाफ नर्स दीपा आदित्य, प्रशिक्षु एएनएम मोनिका और कमल कुमार ने सहयोग दिया।
विज्ञापन
शिविर में स्वामी राम हिमालयन विवि (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी) के विभागाध्यक्ष डा. अनुराग रावत ने 80 रोगियों का परीक्षण किया। उन्होंने दो मरीजों को तत्काल एंजियोप्लास्टी (बंद रक्त वाहिनियों को खोलने के लिए छल्ले डालने की प्रक्रिया) कराने की सलाह दी। शिविर आयोजन में स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
विज्ञापन
रविवार सुबह 10 बजे से सीएचसी खिर्सू में शिविर शुरू हुआ। हृदय रोग विशेषज्ञ डा. रावत ने 80 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें 15 फीसदी हृदय घात (हार्टअटैक) के पुराने रोगी थे। परीक्षण के बाद डा. रावत ने इन्हें दवाइयां दी। 20 मरीजों की ईसीजी की गई। जबकि 15 को अग्रिम जांच की सलाह दी गई। डा. रावत ने युवा वर्ग में उच्च रक्तचाप की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिविर में आए युवाओं का रक्तचाप काफी बड़ा हुआ था। ऐसा धूम्रपान की लत से हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उच्च रक्तचाप के मरीज आ रहे हैं, वह ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने युवाओं को धूम्रपान छोड़ने और खाने में कम नमक लेने की सलाह दी। साथ ही मार्निंग वॉक करने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
एसआरएचयू के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के मुखिया डा. रोमिल भटकोटी ने बताया कि यहां से अग्रिम जांच के लिए रेफर किए गए मरीजों को हिमालयन अस्पताल में पंजीकरण और परामर्श शुल्क नहीं देना पड़ेगा। शिविर में हिमालयन अस्पताल के तकनीशियन देव सिंह, सीएचएसी के फार्मासिस्ट पीएन गेंथवाल, स्टाफ नर्स दीपा आदित्य, प्रशिक्षु एएनएम मोनिका और कमल कुमार ने सहयोग दिया।