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Pauri News: कांडा-खतवाड़ पेयजल योजना ठप, चार दिन से सूखे नल
Sat, 01 Aug 2026 07:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 01 Aug 2026 07:33 PM IST
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स्रोतों से पानी ढोने के लिए ग्रामीण मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
कीर्तिनगर। लगातार हो रही भारी बारिश ने विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ में योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। बारिश से कांडा-खतवाड़ पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने के कारण कांडा समेत आसपास के कई गांवों में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीण जलस्रोतों से पानी ढोकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। जलस्रोतों तक जाने वाले रास्ते भी क्षतिग्रस्त होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी लाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान सुंदरी देवी पंवार ने बताया कि कांडा-खतवाड़ पेयजल योजना से कांडा, मालगढ़ी, कौल्याधार, चोपड़ा, तुसकंड़ी, सुपार, डांडा समेत कई गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। लगातार बारिश के कारण योजना क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के कारण जलस्रोतों तक पहुंचना भी आसान नहीं रह गया है। कई स्थानों पर पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि कुछ जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी जोखिम उठाकर पानी लाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण मनमोहन सिंह ने जल संस्थान से क्षतिग्रस्त योजना की तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। वहीं जल संस्थान कीर्तिनगर के अवर अभियंता राहुल कोटियाल का कहना है कि बारिश से गदेरे का जल स्तर बढ़ने से योजना का चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया था। अभी मरम्मत व मलबा हटाने का काम चल रहा है। एक या दो दिन में योजना पर पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कीर्तिनगर। लगातार हो रही भारी बारिश ने विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ में योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। बारिश से कांडा-खतवाड़ पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने के कारण कांडा समेत आसपास के कई गांवों में पिछले चार दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीण जलस्रोतों से पानी ढोकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। जलस्रोतों तक जाने वाले रास्ते भी क्षतिग्रस्त होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी लाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान सुंदरी देवी पंवार ने बताया कि कांडा-खतवाड़ पेयजल योजना से कांडा, मालगढ़ी, कौल्याधार, चोपड़ा, तुसकंड़ी, सुपार, डांडा समेत कई गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है। लगातार बारिश के कारण योजना क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के कारण जलस्रोतों तक पहुंचना भी आसान नहीं रह गया है। कई स्थानों पर पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि कुछ जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी जोखिम उठाकर पानी लाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण मनमोहन सिंह ने जल संस्थान से क्षतिग्रस्त योजना की तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। वहीं जल संस्थान कीर्तिनगर के अवर अभियंता राहुल कोटियाल का कहना है कि बारिश से गदेरे का जल स्तर बढ़ने से योजना का चैंबर क्षतिग्रस्त हो गया था। अभी मरम्मत व मलबा हटाने का काम चल रहा है। एक या दो दिन में योजना पर पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
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