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महिलाओं की आर्थिकी का आधार बनेंगे एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम
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जिले में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना (आईएमए विलेज) में महिलाओं की आजीविका का आधार बनेगी। योजना के तहत जिले में 16 गांवों को चयनित किया गया है। चयनित गांवों में विकास कार्यों के लिए महिलाओं के समूहों को रिवाल्विंग फंड भी दिया गया है। सीडीओ पौड़ी ने आईएमए विलेज के साथ ही आजीविका पैकेज मॉडल व पलायन रोकथाम को लेकर हो रहे कार्यों की समीक्षा की। सीडीओ ने अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर रखने के निर्देश दिए।
शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई ने एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में स्वरोजगार से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि जनपद में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के तहत 16 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में गठित महिला समूहों के माध्यम से आजीविका से जुड़े बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, गाय पालन आदि कार्य होने हैं। गांव को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कृषि, पशुपालन, लघु सिंचाई, उद्यान आदि विभागों की ओर से घेरबाड़, सिंचाई टैंक, चेकडैम, मौन पालन, कृत्रिम गर्भाधान, उद्यानीकरण आदि कार्य किए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने पलायन रोकथाम के तहत हो रहे कार्यों को लेकर कहा कि जनपद में 90 में से 30 गांवों में पूर्व में ही रोकथाम के कार्य शुरू हो चुका है। इस अवसर पर डीडीओ वेद प्रकाश, मत्स्य निरीक्षक अभिषेक मिश्रा, ईई लघु सिंचाई राजीव रंजन, सीवीओ डा. एसके सिंह बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई ने एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में स्वरोजगार से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि जनपद में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के तहत 16 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में गठित महिला समूहों के माध्यम से आजीविका से जुड़े बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, गाय पालन आदि कार्य होने हैं। गांव को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कृषि, पशुपालन, लघु सिंचाई, उद्यान आदि विभागों की ओर से घेरबाड़, सिंचाई टैंक, चेकडैम, मौन पालन, कृत्रिम गर्भाधान, उद्यानीकरण आदि कार्य किए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने पलायन रोकथाम के तहत हो रहे कार्यों को लेकर कहा कि जनपद में 90 में से 30 गांवों में पूर्व में ही रोकथाम के कार्य शुरू हो चुका है। इस अवसर पर डीडीओ वेद प्रकाश, मत्स्य निरीक्षक अभिषेक मिश्रा, ईई लघु सिंचाई राजीव रंजन, सीवीओ डा. एसके सिंह बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।
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