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पूर्ति विभाग की कार्रवाई, अपात्र 160 लोगों के राशन कार्ड निरस्त
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पूर्ति विभाग ने आय कम दिखाकर सस्ती राशन लेने वालों के राशन कार्ड निरस्त करना शुरू कर दिया है। अब तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) विभिन्न खाद्य योजनाओं में करीब 160 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा विभाग ने ऐसे कार्डधारकों को भी नोटिस भेजे हैं, जो आय अधिक होने के बावजूद सस्ती राशन ले रहे हैं।
मौजूदा समय मेें पूर्ति विभाग की ओर से एक देश- एक राशन कार्ड अभियान के तहत नए राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई की जा रही है। कार्ड बनाने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल, आय प्रमाण पत्र और जांच पत्र लगाने पड़ रहे हैं। जांच पत्र में पूरे परिवार का आय का विवरण देना पड़ रहा है। इससे ऐसे मामले पकड़ में आए हैं, जिनकी पारिवारिक आय मानकों से अधिक हो रही है। सत्यापन के दौरान ऐसे भी प्रकरण आए, जो पेंशनर्स हैं और उनके बेटे-बहू भी नौकरी कर रहे हैं, लेकिन वह राज्य या राष्ट्रीय खाद्य योजना का लाभ उठा रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो प्रतिमाह लाखों का व्यवसाय करते हैं, लेकिन वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में सस्ती राशन ले रहे हैं। पूर्ति विभाग के श्रीनगर ऑफिस से खिर्सू, पौड़ी और कोट ब्लॉक की 31 सस्ते गल्ले की दुकानों को सप्लाई होती है।
अब तक अंत्योदय में 10, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में 70 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में 80 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। जिन कार्डधारकों की शिकायत मिली है कि वह गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं, उनको नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि एक ही घर में अलग-अलग कार्ड बना रखे हैं, जो गलत है। जो कार्ड निरस्त किए गए हैं, उनके स्थान पर पात्र अभ्यर्थी का राशन कार्ड बनाया जा रहा है। - - विजय डोभाल, खाद्य पूर्ति निरीक्षक
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>> यह है मानक: अंत्योदय योजना में एक हजार से कम आय वाले लोगों को शामिल किया गया है। जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में दो हजार से 1499 रुपये और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में 15 से 41 हजार रुपये प्रतिमाह आय वालों को रखा गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में यूनिट के अनुपात में सस्ती राशन मिलती है, इसलिए इसमें सबसे अधिक फर्जीवाड़ा है। कार्ड बनाते वक्त सरकारी नौकरी वाले तो पकड़ में आ जाते हैं, लेकिन प्राइवेट जॉब या व्यवसाय करने वालों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
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मौजूदा समय मेें पूर्ति विभाग की ओर से एक देश- एक राशन कार्ड अभियान के तहत नए राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई की जा रही है। कार्ड बनाने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल, आय प्रमाण पत्र और जांच पत्र लगाने पड़ रहे हैं। जांच पत्र में पूरे परिवार का आय का विवरण देना पड़ रहा है। इससे ऐसे मामले पकड़ में आए हैं, जिनकी पारिवारिक आय मानकों से अधिक हो रही है। सत्यापन के दौरान ऐसे भी प्रकरण आए, जो पेंशनर्स हैं और उनके बेटे-बहू भी नौकरी कर रहे हैं, लेकिन वह राज्य या राष्ट्रीय खाद्य योजना का लाभ उठा रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो प्रतिमाह लाखों का व्यवसाय करते हैं, लेकिन वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में सस्ती राशन ले रहे हैं। पूर्ति विभाग के श्रीनगर ऑफिस से खिर्सू, पौड़ी और कोट ब्लॉक की 31 सस्ते गल्ले की दुकानों को सप्लाई होती है।
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अब तक अंत्योदय में 10, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में 70 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में 80 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। जिन कार्डधारकों की शिकायत मिली है कि वह गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं, उनको नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि एक ही घर में अलग-अलग कार्ड बना रखे हैं, जो गलत है। जो कार्ड निरस्त किए गए हैं, उनके स्थान पर पात्र अभ्यर्थी का राशन कार्ड बनाया जा रहा है। - - विजय डोभाल, खाद्य पूर्ति निरीक्षक
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>> यह है मानक: अंत्योदय योजना में एक हजार से कम आय वाले लोगों को शामिल किया गया है। जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में दो हजार से 1499 रुपये और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में 15 से 41 हजार रुपये प्रतिमाह आय वालों को रखा गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में यूनिट के अनुपात में सस्ती राशन मिलती है, इसलिए इसमें सबसे अधिक फर्जीवाड़ा है। कार्ड बनाते वक्त सरकारी नौकरी वाले तो पकड़ में आ जाते हैं, लेकिन प्राइवेट जॉब या व्यवसाय करने वालों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।