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शासन-प्रशासन ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही बना दी दो पुलिया
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कीर्तिनगर ब्लाक के धौडंगी गांव में ग्रामीणों ने गदेरे पर तैयार की अस्थाई पुलिया।
- फोटो : SHRINAGAR
विकास खंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र में आपदा के बाद जब शासन-प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया तो ग्रामीण स्वयं व्यवस्था बनाने में जुट गए। ग्रामीणों ने श्रमदान कर दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर दो पैदल पुलिया बनाई।
19-20 अगस्त को लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र के कई स्थानों पर बादल फटने से दर्जनों गांवों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि, धान प अदरक की फसल नष्ट हो गई। इस दौरान धौडंगी और छाम गांव सहित क्षेत्र के खलियाणी, सिरवाड़ी, कांडा, धौडंगी, छाम सहित करीब 12 गांवों और स्कूलों को जोड़ने वाली दो पैदल पुलिया गदेरे में बह गई थी। ग्रामीणों को बाजार आनेजाने में करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
प्रधान कविता पंवार ने बताया कि उनकी ग्रामपंचायत धौड़गी को जोड़ने वाली पैदल पुलिया बह जाने से लोगों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई थी। इस संबंध में शासन प्रशासन भी कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है। अब गदेरा का पानी कम होने पर ग्रामीणों की ओर से दो दिनों तक श्रमदान कर धौडंगी और छाम गांव के गदेरे में क्षतिग्रस्त पैदल पुलिया के स्थान पर लकड़ी की करीब 8 से 10 मीटर स्पान की अस्थाई पुलिया तैयार कर दी गई है जिससे छात्राओं और ग्रामीणों की राह आसान हुई है।
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श्रमदान में क्षेत्रपंचायत सदस्य विजेंद्र पंवार, गोविंद सिंह पंवार, रमेश गैरोला, जसपाल, शशि प्रसाद गैरोला, जय सिंह, भगवान सिंह, नीरज, जगदीश लाल, प्रेम सिंह भंडारी, गणेश गोदियाल, अनूप, धनवीर, हिमांशु, पूनम, सीमा व शोभा सहित गांव के 50 से अधिक लोग शामिल थे।
आपदा से विकास खंड के विभिन्न क्षेत्रों में 18 पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है। इनका नव निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -सुमन लता, खंड विकास अधिकारी कीर्तिनगर।
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19-20 अगस्त को लोस्तु बडियारगढ़ क्षेत्र के कई स्थानों पर बादल फटने से दर्जनों गांवों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि, धान प अदरक की फसल नष्ट हो गई। इस दौरान धौडंगी और छाम गांव सहित क्षेत्र के खलियाणी, सिरवाड़ी, कांडा, धौडंगी, छाम सहित करीब 12 गांवों और स्कूलों को जोड़ने वाली दो पैदल पुलिया गदेरे में बह गई थी। ग्रामीणों को बाजार आनेजाने में करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
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प्रधान कविता पंवार ने बताया कि उनकी ग्रामपंचायत धौड़गी को जोड़ने वाली पैदल पुलिया बह जाने से लोगों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई थी। इस संबंध में शासन प्रशासन भी कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है। अब गदेरा का पानी कम होने पर ग्रामीणों की ओर से दो दिनों तक श्रमदान कर धौडंगी और छाम गांव के गदेरे में क्षतिग्रस्त पैदल पुलिया के स्थान पर लकड़ी की करीब 8 से 10 मीटर स्पान की अस्थाई पुलिया तैयार कर दी गई है जिससे छात्राओं और ग्रामीणों की राह आसान हुई है।
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श्रमदान में क्षेत्रपंचायत सदस्य विजेंद्र पंवार, गोविंद सिंह पंवार, रमेश गैरोला, जसपाल, शशि प्रसाद गैरोला, जय सिंह, भगवान सिंह, नीरज, जगदीश लाल, प्रेम सिंह भंडारी, गणेश गोदियाल, अनूप, धनवीर, हिमांशु, पूनम, सीमा व शोभा सहित गांव के 50 से अधिक लोग शामिल थे।
आपदा से विकास खंड के विभिन्न क्षेत्रों में 18 पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है। इनका नव निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -सुमन लता, खंड विकास अधिकारी कीर्तिनगर।