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गुलदार को मारने के लिए शिकारी दल तैनात
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हिंडोलाखाल क्षेत्र के छाम सिरवा गांव में गुलदार की शिकार बनी महिला का शव घर से लगभग 800 मीटर दूर मिला। गुलदार को आदमखोर घोषित करने के बाद वन विभाग ने तीन शूटर तैनात कर दिए। शूटर रात भर शव के पास गुलदार की प्रतीक्षा करते रहे लेकिन गुलदार नजदीक नहीं आया।
रविवार शाम लगभग साढ़े 6 बजे छाम के सिरवा तोक में घर के आंगन में काम कर रही 45 वर्षीय महिला शकुंतला देवी पत्नी स्व. भगवान दास को गुलदार घसीटकर ले गया था। गांव से दूर अकेले घर में दिव्यांग बेटे के साथ रहने वाली शकुंतला को गुलदार द्वारा उठाए जाने की खबर ग्रामीणों को देर से मिली। जब ग्रामीणों ने तलाश शुरू की तो कुछ दूर झाड़ियों में गुलदार महिला को दबोचे दिखा। ग्रामीणों ने महिला को गुलदार के कब्जे से निकालने की कोशिश की लेकिन वह महिला को घसीटते हुए घनी झाड़ियों के बीच ओझल हो गया।
सूचना पर वन विभाग और पुलिस के दल ने ग्रामीणों के साथ महिला की तलाश की। रात लगभग 11 बजे गांव से करीब 800 मीटर दूर घने जंगल में लोगों को महिला का धड़ मिल गया। कुछ देर बाद कुछ दूरी पर सिर भी बरामद हो गया। गुलदार ने महिला के सिर को बुरी तरह चबा डाला था। गुलदार को मारने के लिए शव को मौके पर ही रहने दिया गया। शिकारी जॉय हुकिल, जहीर बख्शी और एस चौहान लगभग दो घंटे तक जंगल में मोर्चा संभाले रहे लेकिन गुलदार लौटकर नहीं आया। तेज बारिश होने के चलते टीम को लौटना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शूटर और टीम गश्त कर रही है। अभी कोई सुराग नहीं मिला है।
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दिव्यांग बेटे के साथ थी अकेले
गुलदार के हमले में मारी गई महिला के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा तीन दिन पहले ही नौकरी के सिलसिले में पांवटा साहिब गया था। घर में वह अपने 22 वर्षीय दिव्यांग बेटे के साथ अकेली रह रही थी। सोमवार सुबह क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी भी गांव में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को वन विभाग के तय मानक अनुसार चार लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही।
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रविवार शाम लगभग साढ़े 6 बजे छाम के सिरवा तोक में घर के आंगन में काम कर रही 45 वर्षीय महिला शकुंतला देवी पत्नी स्व. भगवान दास को गुलदार घसीटकर ले गया था। गांव से दूर अकेले घर में दिव्यांग बेटे के साथ रहने वाली शकुंतला को गुलदार द्वारा उठाए जाने की खबर ग्रामीणों को देर से मिली। जब ग्रामीणों ने तलाश शुरू की तो कुछ दूर झाड़ियों में गुलदार महिला को दबोचे दिखा। ग्रामीणों ने महिला को गुलदार के कब्जे से निकालने की कोशिश की लेकिन वह महिला को घसीटते हुए घनी झाड़ियों के बीच ओझल हो गया।
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सूचना पर वन विभाग और पुलिस के दल ने ग्रामीणों के साथ महिला की तलाश की। रात लगभग 11 बजे गांव से करीब 800 मीटर दूर घने जंगल में लोगों को महिला का धड़ मिल गया। कुछ देर बाद कुछ दूरी पर सिर भी बरामद हो गया। गुलदार ने महिला के सिर को बुरी तरह चबा डाला था। गुलदार को मारने के लिए शव को मौके पर ही रहने दिया गया। शिकारी जॉय हुकिल, जहीर बख्शी और एस चौहान लगभग दो घंटे तक जंगल में मोर्चा संभाले रहे लेकिन गुलदार लौटकर नहीं आया। तेज बारिश होने के चलते टीम को लौटना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। रेंजर देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शूटर और टीम गश्त कर रही है। अभी कोई सुराग नहीं मिला है।
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दिव्यांग बेटे के साथ थी अकेले
गुलदार के हमले में मारी गई महिला के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा तीन दिन पहले ही नौकरी के सिलसिले में पांवटा साहिब गया था। घर में वह अपने 22 वर्षीय दिव्यांग बेटे के साथ अकेली रह रही थी। सोमवार सुबह क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी भी गांव में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को वन विभाग के तय मानक अनुसार चार लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही।