{"_id":"629ce0614c063156534a4966","slug":"hotel-operator-against-online-registration-shrinagar-news-drn413760799","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन पंजीकरण के विरोध में होटल संचालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन पंजीकरण के विरोध में होटल संचालक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के होटल संचालकों ने चार धाम यात्रा की ऑनलाइन बुकिंग के विरोध में बाजार पुलिस चौकी के समक्ष सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने रोष जताया कि सरकारी कुप्रबंधन की वजह से होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का काम धंधा चौपट हो गया है।
रविवार को होटल एसोसिएशन श्रीकोट और श्रीनगर के बैनर तले क्षेत्र के होटल संचालक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बाजार पुलिस चौकी के समक्ष एकत्रित हुए। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि तीन मई से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि यात्रा अच्छी चलने से अच्छी कमाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। शुरू से ही चारधाम यात्रा का विधिवत प्रबंधन न होने की वजह से इसका खामियाजा स्थानीय होटल व्यवसायियों और यात्रा मार्ग से जुड़े व्यवसायियों को उठाना पड़ रहा है।
पिछले दो साल कोरोना महामारी में गुजर गए, जिससे उन्हें काफी घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन इस साल भी ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली से भी नुकसान हो रहा है। तीर्थयात्रियों को जगह-जगह रोककर परेशान किया जा रहा है। इसका पूर्ण प्रभाव चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यवसायियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एक हफ्ते के अंदर ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बंद नहीं हुई, तो व्यवसायी सड़क पर उतर जाएंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों में एसोसिएशन के संरक्षक नरेश नौटियाल, महासचिव डॉ. विनीत पोस्ती, विक्रम पंवार, प्रकाश उनियाल, दीपक पालीवाल व राजीव विश्नोई आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
रविवार को होटल एसोसिएशन श्रीकोट और श्रीनगर के बैनर तले क्षेत्र के होटल संचालक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बाजार पुलिस चौकी के समक्ष एकत्रित हुए। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि तीन मई से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि यात्रा अच्छी चलने से अच्छी कमाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। शुरू से ही चारधाम यात्रा का विधिवत प्रबंधन न होने की वजह से इसका खामियाजा स्थानीय होटल व्यवसायियों और यात्रा मार्ग से जुड़े व्यवसायियों को उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पिछले दो साल कोरोना महामारी में गुजर गए, जिससे उन्हें काफी घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन इस साल भी ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली से भी नुकसान हो रहा है। तीर्थयात्रियों को जगह-जगह रोककर परेशान किया जा रहा है। इसका पूर्ण प्रभाव चारधाम यात्रा पर निर्भर व्यवसायियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एक हफ्ते के अंदर ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बंद नहीं हुई, तो व्यवसायी सड़क पर उतर जाएंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों में एसोसिएशन के संरक्षक नरेश नौटियाल, महासचिव डॉ. विनीत पोस्ती, विक्रम पंवार, प्रकाश उनियाल, दीपक पालीवाल व राजीव विश्नोई आदि शामिल हुए।