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सौ फीसदी शौचालय बनाने पर किया सम्मानित
ब्यूरो/ अमर उजाला,पौड़ी।
Updated Thu, 02 Mar 2017 10:35 PM IST
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पौड़ी में महिला ग्राम प्रधानों को सम्मानित करते एडीएम रामजी शरण शर्मा।
- फोटो : amar ujala
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स्वच्छ भारत अभियान को साकार बनाते हुए पौड़ी की छह महिला ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने गांवों में 100 फीसदी शौचालय निर्माण करके नई मिशाल कायम की है। महिला प्रधान अधिक पढ़ी लिखी नहीं हैं, कोई प्रधान आठवीं तो कोई 10वीं पास है, लेकिन मेहनत व लग्न पर काम करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
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एडीएम रामजी शरण शर्मा ने इन महिला प्रधानों को विशेष तौर पर सम्मानित किया। इनमें से कल्जीखाल ब्लॉक की प्रधान कुसुमलता देवी ऐसी हैं, जिन्होंने बाहर रहने वाले परिवारों के लिए भी शौचालय का निर्माण कर दिया ताकि कभी वे घर आएं तो उन्हें शौचालय के लिए बाहर न जाना पड़े।
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प्रधान कुसुमलता के गांव दिउसा में 163 परिवार हैं। इनमें से 85 परिवार ऐसे थे, जोकि शौच के लिए बाहर जाते थे। मात्र तीन महीने के दौरान ही उन्होंने गांव में 85 शौचालय बनवा डाले। इसी तरह पौड़ी जिले की ग्राम प्रधान बुडाकोट की प्रधान संगीता देवी ने अपने गांव में 81 शौचालय बनवाए।
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प्रधान केवल आठवीं पास हैं, लेकिन उन्होंने गांव में नुक्कड़ नाटक करवाने के बाद लोगों को जागरूक किया। पौड़ी जिले की ही ग्राम पंचायत कांडई तल्ली की प्रधान हेमलता देवी ने 31, जयहरीखाल ब्लॉक के घोड़ा पल्ला की प्रधान चंद्ररेखा ने 28 और खिर्सू ब्लाक की ग्राम प्रधान सीता देवी ने 49 शौचालय बनाकर गांव को निर्मल ग्राम के तौर पर विकसित किया।
महिला दिवस पर गुजरात में होगी सम्मानित
निर्मल गांव घोषित होने के बाद अब जिले के 16 गांवों को महिला दिवस पर गुजरात में सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इन महिलाओं को सम्मानित कर सकते हैं। आठ मार्च को आयोजित इस प्रोग्राम में पौड़ी से 16, जबकि पूरे उत्तराखंड से 216 ग्राम प्रधानों को बुलाया गया है। इनका आने जाने का खर्चा स्वजल विभाग करेगा।
एडीएम ने किया महिलाओं को सम्मानित
गुजरात में सम्मानित होने से पहले एडीएम रामजी शरण शर्मा ने छह ग्राम प्रधानों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया। देवलगढ़ की प्रधान सीता देवी ने कहा कि गांव में बाघ का खतरा था, इसलिए उन्होंने लोगों को शौचालय बनाने के लिए जागरूक किया। वहीं दिउसा की प्रधान कुसुमलता देवी ने कहा कि उन्होंने जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक करवाए, जिसके बाद यह सफलता मिली।