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वन भूमि पर मोटर मार्ग निर्माण को मिली हरी झंडी
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विकास खंड कीर्तिनगर और घनसाली के दर्जनों गांवों को एक-दूसरे क्षेत्र से जोड़ने की राह आसान होने लगी है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 3.9737 हेक्टेयर वन भूमि पर मोटर मार्ग निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
देवप्रयाग क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से मोटर मार्ग निर्माण में आने वाली वन भूमि को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि कीर्तिनगर ब्लाक की खोला-धारपंयाकोटी मोटर मार्ग के अंतिम बिंदु से स्यालसौड़ पनयाली होते हुए बणतोलीखाल नैलचामी तक मोटर मार्ग बनने से अब दोनों विकास खंडों के दर्जनों गांवों को अधिक फायदा होगा। उन्होंने बताया कि पहले नैलचामी क्षेत्र की तहसील कीर्तिनगर थी। मोटर मार्ग के अभाव में लोग तहसील तक पहुंचने के लिए पैदल दूरी नापते थे। परिणाम स्वरूप इन लोगों की रिश्तेदारी भी एक-दूसरे क्षेत्र में होती थी, लेकिन मोटर मार्ग के अभाव ने इन परिस्थितियों को बदल दिया है। कंडारी ने कहा फिर से रिश्तों को जोड़ने के लिए मोटर मार्ग का निर्माण करवाया जा रहा है।
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देवप्रयाग क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से मोटर मार्ग निर्माण में आने वाली वन भूमि को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि कीर्तिनगर ब्लाक की खोला-धारपंयाकोटी मोटर मार्ग के अंतिम बिंदु से स्यालसौड़ पनयाली होते हुए बणतोलीखाल नैलचामी तक मोटर मार्ग बनने से अब दोनों विकास खंडों के दर्जनों गांवों को अधिक फायदा होगा। उन्होंने बताया कि पहले नैलचामी क्षेत्र की तहसील कीर्तिनगर थी। मोटर मार्ग के अभाव में लोग तहसील तक पहुंचने के लिए पैदल दूरी नापते थे। परिणाम स्वरूप इन लोगों की रिश्तेदारी भी एक-दूसरे क्षेत्र में होती थी, लेकिन मोटर मार्ग के अभाव ने इन परिस्थितियों को बदल दिया है। कंडारी ने कहा फिर से रिश्तों को जोड़ने के लिए मोटर मार्ग का निर्माण करवाया जा रहा है।
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