{"_id":"60edc49a8ebc3ee9b20f8ed1","slug":"four-pg-seats-approved-in-srinagar-medical-college-shrinagar-news-drn384362550","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीजी की चार सीटें मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीजी की चार सीटें मंजूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के फार्माकोलॉजी व फीजियोलॉजी विभाग में पीजी की 2-2 सीटों की अनुमति दे दी है। मेडिकल कॉलेज को उम्मीद है कि अन्य विभागों में पीजी की अनुमति मिल जाएगी। यदि ऐसा होता है तो मेडिकल कॉलेज समेत राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर हो सकती है।
वर्ष 2008 में स्वीकृत श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में सिर्फ एनॉटमी विभाग में पीजी की अनुमति है। अभी तक संकाय सदस्यों व अन्य संसाधनों की कमी की वजह से अन्य विभागों में पीजी की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। व्यवस्थाओं में सुधार होने पर मई 2020 में संस्थान ने पीजी की अनुमति के लिए एनएमसी में आवेदन किया था। संस्थान ने 14 विभागों में एमएस/एमडी की 52 सीटें मांगी थी। इस साल फरवरी व मार्च माह में एनएमसी की टीम ने कॉलेज का दौरा किया था।
निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर एनएमसी ने फार्माकोलॉजी व फीजियोलॉजी विभाग में पीजी कोर्स को हरी झंडी दे दी। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि दोनों विभागों में 2-2 सीट मिली हैं। हालांकि 3-3 सीट की अनुमति मांगी गई थी। अन्य विभागों में भी पीजी की अनुमति मिलने की उम्मीद है। 14 में से 11 विभागों का निरीक्षण हो चुका है। स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, चर्म रोग एवं मेडिसिन में अभी निरीक्षण होना बाकी है।
विज्ञापन
-----------
दोनों विभागों में 6 संकाय सदस्य
श्रीनगर। फार्माकोलॉजी और फीजियोलॉजी विभाग में एक एचओडी/प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक सहायक प्रोफेसर कार्यरत हैं। संकाय सदस्यों को देखते हुए दोनों विभागों को 4 सीट मिली हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2008 में स्वीकृत श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में सिर्फ एनॉटमी विभाग में पीजी की अनुमति है। अभी तक संकाय सदस्यों व अन्य संसाधनों की कमी की वजह से अन्य विभागों में पीजी की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। व्यवस्थाओं में सुधार होने पर मई 2020 में संस्थान ने पीजी की अनुमति के लिए एनएमसी में आवेदन किया था। संस्थान ने 14 विभागों में एमएस/एमडी की 52 सीटें मांगी थी। इस साल फरवरी व मार्च माह में एनएमसी की टीम ने कॉलेज का दौरा किया था।
विज्ञापन
निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर एनएमसी ने फार्माकोलॉजी व फीजियोलॉजी विभाग में पीजी कोर्स को हरी झंडी दे दी। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि दोनों विभागों में 2-2 सीट मिली हैं। हालांकि 3-3 सीट की अनुमति मांगी गई थी। अन्य विभागों में भी पीजी की अनुमति मिलने की उम्मीद है। 14 में से 11 विभागों का निरीक्षण हो चुका है। स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग, चर्म रोग एवं मेडिसिन में अभी निरीक्षण होना बाकी है।
विज्ञापन
-----------
दोनों विभागों में 6 संकाय सदस्य
श्रीनगर। फार्माकोलॉजी और फीजियोलॉजी विभाग में एक एचओडी/प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक सहायक प्रोफेसर कार्यरत हैं। संकाय सदस्यों को देखते हुए दोनों विभागों को 4 सीट मिली हैं।