सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में संचालित निशुल्क कोचिंग कार्यक्रम डॉक्टर आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र (डीएसीई) की शुरुआत हो गई है। केंद्र में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी। कहा गया कि केंद्र छात्रों के मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।
बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में डीएसीई का उद्घाटन मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त प्रमुख मुख्य वन संरक्षक प्रवीन थपलियाल, कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल और प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट ने किया। मुख्य अतिथि थपलियाल ने कहा कि केंद्र से पहाड़ के छात्रों को पहाड़ में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने का मौका मिलेगा। केंद्र छात्रों के मार्गदर्शक की भूमिका को निभाएगा। प्रति कुलपति प्रो. भट्ट ने कहा कि यह केंद्र केवल अनुसूचित जाति के छात्रों को ही नहीं बल्कि अन्य छात्रों को भी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नौटियाल ने पूरी टीम को बधाई दी। केंद्र समन्वयक प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि केंद्र का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान कर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष गुप्ता और डॉ. श्वेता वर्मा ने किया। इस दौरान प्रो. सीमा धवन, मुख्य नियंता प्रो. भानु प्रसाद नैथानी, प्रो. अतुल ध्यानी, प्रो. एमसी सती, प्रो. वाईपी रैवानी, प्रो. किरन डंगवाल, प्रो. इंदु खंडूड़ी और प्रो. ओके बेलवाल आदि मौजूद रहे।