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बिना डॉक्टर की सलाह के न दें नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक ड्रग्स
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केमिस्ट एवं ड्रग्स एसोसिएशन का कहना है कि यदि कोई दवा विक्रेता बिना डॉक्टर की सलाह के नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक (स्वापक एवं मन प्रभावी) दवा बेचते पाया गया तो उसे संगठन से तत्काल हटा दिया जाएगा। साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए औषधि नियंत्रक (ड्रग्स कंट्रोलर) से भी अनुरोध किया जाएगा।
जिला उद्योग व्यापार संघ की ओर से कतिपय दवा विक्रेताओं पर बिना पर्चे के नशीली दवाएं बेचे जाने की शिकायत के बाद हो रहे विवाद को देखते हुए रविवार को यहां केमिस्ट एवं ड्रग्स एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता की। इस अवसर पर एसोसिएशन के श्रीनगर शाखा अध्यक्ष नरेश नौटियाल ने कहा कि कुछ विक्रेताओं पर युवाओं को नशीली दवा बेचे जाने का आरोप लगाया गया, यह सत्य नहीं है। हालांकि कुछ न कुछ ऐसा रहा होगा, जो यह मामला आया।
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उन्होंने बताया कि हर विक्रेता को लाइफ सेविंग ड्रग्स (जीवन बचाने वाली दवा) रखनी जरूरी है। यह दवाएं नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक होती हैं, जो दिमाग पर सीधे असर डालती हैं। बिना डॉक्टर के पर्चे को इनको नहीं दिया जा सकता है। दवा लेने वाले का रिकार्ड विक्रेता को रखना होता है, इसलिए सभी दवा विक्रेताओं से अनुरोध किया गया है कि लाइफ सेविंग ड्रग्स के रिकार्ड का नियमित रखरखाव करें। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई नियम विरुद्ध दवा बेचता है तो एसोसिएशन उसका बचाव नहीं करेगी। नौटियाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में जेनरिक दवाओं के बजाय अन्य दवा बेची जाती हैं। यह मरीजों के साथ धोखा है। एसोसिएशन के सचिव ललित भट्ट ने कहा कि अकसर लाइफ सेविंग ड्रग्स को नशीली दवा कहा जा रहा है, जबकि कोई भी दुकानदार नशे की दवा नहीं बेचता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गंभीर सिंह भंडारी, संरक्षक दिनेश भट्ट, अनिल ढौंडियाल, बृजेश भट्ट और अजय काला आदि मौजूद थे।
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जिला उद्योग व्यापार संघ की ओर से कतिपय दवा विक्रेताओं पर बिना पर्चे के नशीली दवाएं बेचे जाने की शिकायत के बाद हो रहे विवाद को देखते हुए रविवार को यहां केमिस्ट एवं ड्रग्स एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
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बैठक के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता की। इस अवसर पर एसोसिएशन के श्रीनगर शाखा अध्यक्ष नरेश नौटियाल ने कहा कि कुछ विक्रेताओं पर युवाओं को नशीली दवा बेचे जाने का आरोप लगाया गया, यह सत्य नहीं है। हालांकि कुछ न कुछ ऐसा रहा होगा, जो यह मामला आया।
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उन्होंने बताया कि हर विक्रेता को लाइफ सेविंग ड्रग्स (जीवन बचाने वाली दवा) रखनी जरूरी है। यह दवाएं नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक होती हैं, जो दिमाग पर सीधे असर डालती हैं। बिना डॉक्टर के पर्चे को इनको नहीं दिया जा सकता है। दवा लेने वाले का रिकार्ड विक्रेता को रखना होता है, इसलिए सभी दवा विक्रेताओं से अनुरोध किया गया है कि लाइफ सेविंग ड्रग्स के रिकार्ड का नियमित रखरखाव करें। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई नियम विरुद्ध दवा बेचता है तो एसोसिएशन उसका बचाव नहीं करेगी। नौटियाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में जेनरिक दवाओं के बजाय अन्य दवा बेची जाती हैं। यह मरीजों के साथ धोखा है। एसोसिएशन के सचिव ललित भट्ट ने कहा कि अकसर लाइफ सेविंग ड्रग्स को नशीली दवा कहा जा रहा है, जबकि कोई भी दुकानदार नशे की दवा नहीं बेचता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गंभीर सिंह भंडारी, संरक्षक दिनेश भट्ट, अनिल ढौंडियाल, बृजेश भट्ट और अजय काला आदि मौजूद थे।