{"_id":"5d9f6a388ebc3e01644085d8","slug":"district-administration-sent-rakhi-s-name-for-bravery-award-pauri-news-drn3224164121","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला प्रशासन ने वीरता पुरस्कार के लिए भेजा राखी का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला प्रशासन ने वीरता पुरस्कार के लिए भेजा राखी का नाम
विज्ञापन
गुलदार के हमले में भाई को बचाने वाली राखी
- फोटो : अमर उजाला
पौड़ी। अदम्य साहस से चार वर्षीय छोटे भाई को गुलदार के मुंह से बचाने वाली राखी का नाम जिला प्रशासन ने वीरता पुरस्कार के लिए भेज दिया है। राखी उपचार के बाद अभी दिल्ली में अपनी बुआ के घर स्वास्थ्य लाभ ले रही है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व सामाजिक कार्यकर्ता कविंद्र ईष्टवाल ने साहसी बेटी के उपचार में सहयोग प्रदान किया।
विज्ञापन
जिले के बीरोंखाल ब्लाक स्थित देवकुंडाई गांव में दलवीर सिंह का परिवार रहता है। खेतीबाड़ी करने वाले दलवीर की पत्नी विगत चार अक्तूबर को 11 वर्षीय बेटी राखी व चार वर्षीय बेटे राघव के साथ खेत गई थी। घर लौटते समय राखी भाई राघव को कंधे पर उठाकर मां के आगे-आगे आ रही थी। इसी दौरान गुलदार ने राघव पर अचानक झपट्टा मार दिया। राखी ने छोटे भाई को सीने से लगाकर गुलदार के पंचों से बचा लिया, लेकिन खुद जख्मी हो गई। गुलदार ने पंचों व दांत से कई वार किए। राखी लहूलुहान हो गई, पर उसने भाई को आंच भी नहीं आने दी। पीछे से आ रही मां ने मंजर देख चिल्लाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शोर सुनकर गुलदार भाग गया। इसके बाद राखी को उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती किया गया, जहां उपचार के बाद उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। अब राखी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वह दिल्ली में बुआ मंजू देवी के घर में स्वास्थ्य लाभ ले रही है। अपर जिलाधिकारी पौड़ी डा. एसके बरनवाल ने बताया कि उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद को साहसी बेटी राखी का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेज दिया गया है।
विज्ञापन