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गढ़वाल विवि के डिसइंफेक्टर को मिला ऑस्ट्रेलिया से पेटेंट
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गढ़वाल (केंद्रीय) गढ़वाल विवि के सहायक प्रो. आलोक सागर गौतम और शोध छात्र संजीव कुमार को मल्टी डायरेक्शनल यूवीसी (पराबैंगनी) ऑब्जेक्ट डिसइनफेक्ट (कीटाणुनाशक) के लिए ऑस्ट्रेलिया इनोवेशन पेटेंट मिला है। यह यंत्र इलेक्ट्रानिक सामान से लेकर खाने की वस्तुओं को वायरस मुक्त करता है।
गढ़वाल विवि के भौतिकी विभाग के सहायक प्रो. आलोक सागर गौतम और शोध छात्र संजीव कुमार ने बहुकोणीय यूवीसी कीटाणुनाशक बनाया है। यह कीटाणुनाशक कोरोना समेत अन्य वायरस, बैक्टीरिया व फंगस को नष्ट कर देता है। डिसइंफेक्टर लगभग डेढ़ फीट ऊंचा बाक्सनुमा संयंत्र है। यह दो मोड सॉफ्ट एवं हार्ड मोड में काम करता है। सॉफ्ट मोड में सब्जी, दूध, ब्रेड आदि खाद्य सामग्री और हार्ड मोड में दस्तावेज व फोन आदि सामग्री कीटाणु मुक्त की जाती है। इसके लिए समयावधि तय की गई है। डा. गौतम बताते हैं कि जब किसी वायरस की सतह पर यूवीसी विकिरण पड़ता है, तो विकिरण वायरस के आरएनए प्रोटीन को नष्ट कर देता है। जिससे वायरस संक्रमण का प्रसार नहीं होता है। उन्होंने बताया कि गत मई में भारत और ऑस्ट्रेलिया में यंत्र के पेटेंट के लिए आवेदन किया गया था। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यंत्र के लिए जुलाई में पेटेंट प्रमाणपत्र दे दिया है।
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गढ़वाल विवि के भौतिकी विभाग के सहायक प्रो. आलोक सागर गौतम और शोध छात्र संजीव कुमार ने बहुकोणीय यूवीसी कीटाणुनाशक बनाया है। यह कीटाणुनाशक कोरोना समेत अन्य वायरस, बैक्टीरिया व फंगस को नष्ट कर देता है। डिसइंफेक्टर लगभग डेढ़ फीट ऊंचा बाक्सनुमा संयंत्र है। यह दो मोड सॉफ्ट एवं हार्ड मोड में काम करता है। सॉफ्ट मोड में सब्जी, दूध, ब्रेड आदि खाद्य सामग्री और हार्ड मोड में दस्तावेज व फोन आदि सामग्री कीटाणु मुक्त की जाती है। इसके लिए समयावधि तय की गई है। डा. गौतम बताते हैं कि जब किसी वायरस की सतह पर यूवीसी विकिरण पड़ता है, तो विकिरण वायरस के आरएनए प्रोटीन को नष्ट कर देता है। जिससे वायरस संक्रमण का प्रसार नहीं होता है। उन्होंने बताया कि गत मई में भारत और ऑस्ट्रेलिया में यंत्र के पेटेंट के लिए आवेदन किया गया था। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यंत्र के लिए जुलाई में पेटेंट प्रमाणपत्र दे दिया है।
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