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लिंक मोटर मार्गों पर सफर करना हुआ मुश्किल
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विकास खंड कीर्तिनगर के करीब एक दर्जन से अधिक मोटर मार्गों पर बस सेवाएं पूरी तरह से ठप हो चुकी है। अब इन मोटर मार्गों पर छोटे वाहन संचालक भी ग्रामीणों से मनमर्जी का किराया वसूल रहे हैं, जबकि इन वाहनों में सवारियां पूरी न होने पर बुकिंग देनी पड़ रही है।
क्षेत्र के लिंक मोटर मार्गों पर बसों का संचालन न होने से अब इन मोटर मार्गों पर छोटे वाहनों से लोग आवाजाही करने को मजबूर है। प्रधान पल्यापटाला कुंदन सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र लोस्तु बडियागढ़ के लिए पहले श्रीनगर से टीजीएमओयू की तीन और देहरादून से एक रोडवेज की सेवा थी, लेकिन धीरे-धीरे सारी सेवाएं बंद हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर सिल्काखाल क्षेत्र के लिए भी श्रीनगर से दो बसें चलती थी, लेकिन यहां भी बस सेवा ठप पड़ी है। यही समस्या चौकी, पिपलीधार, वीरखाल, हिसरियाखाल आदि कई क्षेत्रों की है। ग्रामीण हुकम सिंह, सूरत सिंह व भूपेंद्र सिंह आदि का कहना है कि कई बार छोटे वाहनों में सवारियां पूरी न होने पर वाहन संचालकों की ओर से तीन गुना से भी अधिक किराया वसूला जाता है। अगर बस सेवा शुरू हो जाती है, तो ग्रामीणों को आवागमन में आसानी के साथ ही कम किराया चुकाना पड़ता है।
- 2013 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर छोटे वाहनों की उपलब्धता से लोगों ने बसों में सफर करना छोड़ दिया, जिससे सवारी न मिलने पर बस के लिए तेल का पैसा भी वसूल नहीं हो पाया। परिणाम स्वरूप धीरे-धीरे सभी रूटों पर सेवाएं ठप हो गई। -नरेंद्र कंडियाल, रोटेशन प्रभारी, टीजीएमओयू श्रीनगर।
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-वाहन चालकों की ओर से अगर अधिक किराया वसूला जा रहा है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही मोटर मार्गों पर चेकिंग शुरू होगी। -सीपी मिश्रा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नई टिहरी।
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क्षेत्र के लिंक मोटर मार्गों पर बसों का संचालन न होने से अब इन मोटर मार्गों पर छोटे वाहनों से लोग आवाजाही करने को मजबूर है। प्रधान पल्यापटाला कुंदन सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र लोस्तु बडियागढ़ के लिए पहले श्रीनगर से टीजीएमओयू की तीन और देहरादून से एक रोडवेज की सेवा थी, लेकिन धीरे-धीरे सारी सेवाएं बंद हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर सिल्काखाल क्षेत्र के लिए भी श्रीनगर से दो बसें चलती थी, लेकिन यहां भी बस सेवा ठप पड़ी है। यही समस्या चौकी, पिपलीधार, वीरखाल, हिसरियाखाल आदि कई क्षेत्रों की है। ग्रामीण हुकम सिंह, सूरत सिंह व भूपेंद्र सिंह आदि का कहना है कि कई बार छोटे वाहनों में सवारियां पूरी न होने पर वाहन संचालकों की ओर से तीन गुना से भी अधिक किराया वसूला जाता है। अगर बस सेवा शुरू हो जाती है, तो ग्रामीणों को आवागमन में आसानी के साथ ही कम किराया चुकाना पड़ता है।
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- 2013 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर छोटे वाहनों की उपलब्धता से लोगों ने बसों में सफर करना छोड़ दिया, जिससे सवारी न मिलने पर बस के लिए तेल का पैसा भी वसूल नहीं हो पाया। परिणाम स्वरूप धीरे-धीरे सभी रूटों पर सेवाएं ठप हो गई। -नरेंद्र कंडियाल, रोटेशन प्रभारी, टीजीएमओयू श्रीनगर।
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-वाहन चालकों की ओर से अगर अधिक किराया वसूला जा रहा है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही मोटर मार्गों पर चेकिंग शुरू होगी। -सीपी मिश्रा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नई टिहरी।