फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Degree college could not be established in Kirtinagar

कीर्तिनगर में नहीं हो पाई डिग्री कॉलेज की स्थापना

Tue, 25 Jan 2022 10:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jan 2022 10:54 PM IST
विज्ञापन
Degree college could not be established in Kirtinagar
आज हम देश का 73वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। इस दौर मेें जनता को काफी कुछ मिला, लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यदि उच्च शिक्षा की बात करें, तो टिहरी जिले के विकास खंड कीर्तिनगर के डागर, कड़ाकोट और लोस्तू-बडियारगढ़ के बच्चों को इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद 30 से 60 किमी दूर श्रीनगर आना पड़ता है। केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद यहां भी प्रवेश मुश्किल हो गया है। ऐसे में देवप्रयाग, ऋषिकेश, टिहरी या देहरादून को ही ठिकाना बनाना पड़ता है।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल तो खुल जाते हैं, लेकिन इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए पहाड़ के बच्चों को काफी दूर की दौड़ लगानी पड़ती है। इसी वजह से टिहरी जिले के कड़ाकोट, डागर, लोस्तू व बडियार क्षेत्र के निवासी सालों से डिग्री कॉलेज की राह ताक रहे हैं। 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद इन क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं श्रीनगर या अन्य स्थानों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। कई बार उनको यहां प्रवेश नहीं मिल पाता है। ऐसे में उन्हें भटकना पड़ता है। वहीं गरीब छात्रों के लिए श्रीनगर व अन्य बाजारी क्षेत्रों में रहना मंहगा पड़ता है।
विज्ञापन

वर्ष 2016 में कांग्रेस शासन काल के अंतिम दौर में बडियार क्षेत्र में महाविद्यालय की मंजूरी दी गई। सरकार बदलने के बाद महाविद्यालय स्थापना का शासनादेश फाइलों में कैद हो गया है। मौजूदा प्रदेश सरकार का कार्यकाल भी लगभग पूर्ण हो चुका है। इस दौर में महाविद्यालय की स्थापना नहीं हो पाई। स्थानीय निवासी बाघ सिंह, सुस्मिता, रश्मि, दिनेश, राहुल और प्रणय का कहना है कि सरकार ने हर ब्लॉक में राजकीय महाविद्यालय खोलने की बात कही थी। कीर्तिनगर ब्लॉक में स्वीकृति के बावजूद महाविद्यालय का संचालन नहीं हो पाया। वह कहते हैं कि यदि कांग्रेस सरकार चाहती, तो कार्यकाल खत्म होने से एक या दो साल पूर्व महाविद्यालय स्थापना की कवायद करती। ताकि कक्षाओं का संचालन हो जाता। वहीं मौजूदा भाजपा सरकार ने भी महाविद्यालय संचालन में दिलचस्पी नहीं ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed