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दुराचार के दोषी बाप को दस साल की कैद
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:20 PM IST
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पौड़ी। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को जिला अदालत ने 10 साल की सश्रम कैद और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के कुछ दिन बाद गिरफ्तार अभियुक्त तब से जिला जेल में बंद है।
घटना कोटद्वार थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। दोषी के खिलाफ उसकी पत्नी ने 24 अगस्त 2016 को कोटद्वार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला की तहरीर के मुताबिक 23 अगस्त 2016 की रात उसके पति ने 10 वर्षीय बेटी को कमरे में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर उसने कमरे में जाकर पति की करतूत का विरोध किया तो दोषी ने उसके और बेटी के साथ गाली गलौच व मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। कोटद्वार पुलिस ने दुराचार, पोक्सो अधिनियम, गाली गलौच, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश सामवेदी ने कुल नौ गवाह पेश किए। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई कि इस घृणित कृत्य को देखते हुए अभियुक्त को अधिक से अधिक सख्त सजा दी जाए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुंवर सेन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों व गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अलग-अलग धाराओं में अभियुक्त को 10 साल की कैद और 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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घटना कोटद्वार थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। दोषी के खिलाफ उसकी पत्नी ने 24 अगस्त 2016 को कोटद्वार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला की तहरीर के मुताबिक 23 अगस्त 2016 की रात उसके पति ने 10 वर्षीय बेटी को कमरे में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर उसने कमरे में जाकर पति की करतूत का विरोध किया तो दोषी ने उसके और बेटी के साथ गाली गलौच व मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। कोटद्वार पुलिस ने दुराचार, पोक्सो अधिनियम, गाली गलौच, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश सामवेदी ने कुल नौ गवाह पेश किए। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई कि इस घृणित कृत्य को देखते हुए अभियुक्त को अधिक से अधिक सख्त सजा दी जाए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुंवर सेन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों व गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अलग-अलग धाराओं में अभियुक्त को 10 साल की कैद और 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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