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बड़ी निविदाओं के खिलाफ ठेकेदार संगठन मुखर
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विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के विभिन्न क्षेत्रों में करीब छह मोटर मार्गों के निर्माण लिए लोक निर्माण विभाग ने निविदाएं जारी कर दी हैं। इससे ग्रामीणों में तो खुशी का माहौल है लेकिन बड़ी निविदाएं जारी होने पर ठेकेदार संगठन ने रोष जताया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल सिंह बुटोला ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। अलकनंदा ठेकेदार संगठन कीर्तिनगर बड़ी निविदाओं के विरोध में उतर आया है। संगठन ने सरकार और विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद आंदोलन शुरू करने और लाइसेंस जमा करने की चेतावनी दी है। ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष चिरंजीव पुंडीर का कहना है कि लोक निर्माण विभाग कीर्तिनगर में 300 से अधिक लोग डी श्रेणी में पंजीकृत हैं लेकिन विभागों की ओर से निर्माण कार्यों की बड़ी निविदाएं जारी किए जाने से इन लोगों को कार्य नहीं मिल पा रहा है।
पुंडीर ने बताया कि हर वर्ष लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ठेकेदारों का जीएसटी भुगतान सहित अन्य कागज तैयार करने में करीब 30 से 40 हजार खर्च हो रहा है। अब इस विषय में सोमवार को ठेकेदार संगठन मुख्यमंत्री से वार्ता करेगा। मांगों पर सहमति न बनने पर सरकार और विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही इस अव्यवस्था के खिलाफ उच्च न्यायालय से गुहार लगाई जाएगी व लाइसेंस भी जमा किए जाएंगे। ठेकेदारों की समस्या पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी आर्य का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ही निर्माण कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल सिंह बुटोला ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। अलकनंदा ठेकेदार संगठन कीर्तिनगर बड़ी निविदाओं के विरोध में उतर आया है। संगठन ने सरकार और विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद आंदोलन शुरू करने और लाइसेंस जमा करने की चेतावनी दी है। ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष चिरंजीव पुंडीर का कहना है कि लोक निर्माण विभाग कीर्तिनगर में 300 से अधिक लोग डी श्रेणी में पंजीकृत हैं लेकिन विभागों की ओर से निर्माण कार्यों की बड़ी निविदाएं जारी किए जाने से इन लोगों को कार्य नहीं मिल पा रहा है।
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पुंडीर ने बताया कि हर वर्ष लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ठेकेदारों का जीएसटी भुगतान सहित अन्य कागज तैयार करने में करीब 30 से 40 हजार खर्च हो रहा है। अब इस विषय में सोमवार को ठेकेदार संगठन मुख्यमंत्री से वार्ता करेगा। मांगों पर सहमति न बनने पर सरकार और विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही इस अव्यवस्था के खिलाफ उच्च न्यायालय से गुहार लगाई जाएगी व लाइसेंस भी जमा किए जाएंगे। ठेकेदारों की समस्या पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीपी आर्य का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ही निर्माण कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
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